पायलट संघ ने पिछले साल अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया एआइ171 विमान हादसे की जांच में बोइंग 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम के व्यापक मूल्यांकन की मांग की है।
पायलट संघ ने बोइंग 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम ऑडिट की मांग की
पायलट संघ ने एअर इंडिया एआइ171 हादसे की जांच में हस्तक्षेप किया।
बोइंग 787 विमानों के इलेक्ट्रिकल सिस्टम की व्यापक जांच की मांग।
विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य की आपदाएं टालने का लक्ष्य।
पीटीआई, मुंबई। पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए दर्दनाक एअर इंडिया विमान (एआइ171) हादसे, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी, के संबंध में फेडरेशन आफ इंडियन पायलट्स (भारतीय पायलट संघ) ने दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) को एक पत्र लिखा है।
पायलट संघ ने जांच एजेंसी से बोइंग 787 (बी787) विमानों की इलेक्ट्रिकल प्रणाली और उससे जुड़े सबूतों का व्यापक मूल्यांकन करने का आग्रह किया है।
18 सितंबर को भेजे गए पत्र में पायलट संघ ने कहा कि विमान के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक रूप से नियंत्रित सिस्टमों की विस्तृत जांच मौजूदा जांच का मुख्य हिस्सा होनी चाहिए। यह मांग पहले से जताई जा रही उन चिंताओं को ध्यान में रखकर की गई है, जिनमें बी787 की डिजाइन फिलासफी में इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर की केंद्रीय भूमिका और इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए थे।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका स्थित ‘फाउंडेशन आफ एविएशन सेफ्टी’ ने भारत की एएआईबी से सवाल किया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में “क्रोनिक सिस्टम फेलियर” के सबूत होने के बावजूद बी787 बेड़े के लिए अभी तक अंतरिम सुरक्षा सिफारिशें क्यों नहीं जारी की गईं।
इस संवेदनशील मामले में पायलटों का यह पत्र विमानन सुरक्षा और यात्रियों की जान की रक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में इस तरह की आपदाओं को टाला जा सके।