डिस्कवरी चैनल पर इन दिनों एक नई डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई है. यह भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर है, जो भारत ने पिछले साल 6 और 7 मई 2025 को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों के सफाए के लिए चलाया था. जब भारतीय एयरफोर्स ने पाकिस्तान की हवाई सीमाओं के भीतर प्रवेश किया तो कुछ ही मिनटों में उसने पाकिस्तान में मौजूद कई बड़े आतंकी ठिकानों को तहत-नहस कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान की वायु सेना भारत से संघर्ष करने हवा में उड़ी तो भारत ने उसे भी मुंहतोड़ जवाब देकर उसकी हैसियत बता दी.
डिस्कवरी पर प्रसारित हो रही इस डॉक्यूमेंट्री का नाम ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ है. इस डॉक्यूमेंट्री में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के भी इस विषय पर इंटरव्यूज शामिल हैं.
डॉक्यूमेंट्री में विस्तार से बताया गया है, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को अपने सटीक हमलों से उधेड़कर रख दिया तो वह घुटनों पर आ गया और रहम की भीख मांगनी शुरू कर दी. वह सीजफायर का मौका तलाश रहा था और भारत से तुरंत बात नहीं हो पा रही थी.
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भारत के पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट राजीव घई ने बताया कि इस दौरान उनके पाकिस्तानी समकक्ष (पाकिस्तान का DGMO) उनसे हॉटलाइन पर संपर्क करने को बेताब था. घई ने बताया, जब दोनों की बात हुई तो पाकिस्तान के DGMO की ओर से कहा गया, ‘आपने हम पर कई सारी ब्रह्मोस मिसाइलें दाग दी हैं. अब आपको संतुष्ट हो जाना चाहिए. हम आखिर इस लड़ाई को रोक क्यों नहीं देते?’
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अजीत डोभाल ने कहा कि वे लगातार इस लड़ाई को रोकने का रास्ता ढूंढ रहे थे, ‘वे हमसे बार-बार गुहार लगाते रहे. वे कहते रहे, अब बहुत हो गया. आपने हमें बहुत नुकसान पहुंचा दिया है. अब सीजफायर के लिए मान जाइए, और आखिरकार हमने इसे मान लिया.’ इस डॉक्यूमेंट्री में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने इस युद्ध के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री (सेकरेटरी ऑफ स्टेट) मार्को रुबियो से बात की थी, जिन्होंने (रुबियो) भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की. जयशंकर ने अमेरिका को दो-टूक बता दिया कि इस मामले पर पाकिस्तान और भारत के DGMO को ही सीधे बात करने दें.
इस डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 6 और 7 मई की रात मिसाइल हमले किए थे. यह जम्मू और कश्मीर में 26 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की प्रतिक्रिया थी, जिसमें 26 निर्दोष सैलानियों को धर्म के आधार पर पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया था.
भारतीय वायुसेना के हमलों का जवाब देने के मकसद से पाकिस्तान ने काउंटर अटैक की योजना बनाई थी और उसने अपनी इस सैन्य कार्रवाई का नाम ‘ऑपरेशन बनयान अल-मरसूस’ रखा था. इस डॉक्यूमेंट्री में शुरुआती हमलों के बाद हुए हवाई ऑपरेशन्स पर भी बात की गई है. भारतीय वायु सेना के पूर्व वाइस चीफ एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी कहते हैं, ‘अगले 15 से 20 मिनट के अंदर, दोनों तरफ के 40 से 50 (लड़ाकू) विमान हवा में थे.’
उस समय साउथ वेस्टर्न एयर कमांड के कमांडर-इन-चीफ रहे एयर मार्शल नागेश कपूर कहते हैं, ‘हम हवा में कड़ी नजर रख रहे थे ताकि उनका कोई भी विमान बॉर्डर के इस तरफ न आ पाए या अपने एयरस्पेस से ऑपरेट करते हुए हम पर बम न गिरा सके.’ वे आगे कहते हैं, ‘हमने कई सरफेस-टू-एयर (सतह से हवा) मिसाइलें दागीं, जिनसे दुश्मन को निश्चित रूप से कुछ नुकसान हुआ.’ उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी विमान लगभग दो घंटे बाद वापस लौट गए.
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नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और … और पढ़ें
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