सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ऑयल इंडिया को एक अंतरिम अर्जी वापस लेने और एक नई अर्जी दाखिल करने की इजाजत दे दी। नई अर्जी में केंद्र सरकार द्वारा असम के डिब्रू-सैखोवा नेशनल पार्क के नीचे हाइड्रोकार्बन निकालने से जुड़े ‘एक्सटेंडेड रीच ड्रिलिंग’ (ईआरडी) प्रस्ताव को खारिज करने के फैसले को पलटने की मांग की जाएगी। ऑयल इंडिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जस्टिस जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से आग्रह किया कि मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। द्विवेदी ने कहा कि यह मामला बहुत जरूरी है क्योंकि यह इलाका नेशनल पार्क के किनारे पर है।
सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं, लेकिन सरकार खुद को इस कोर्ट के 2023 के उस आदेश से बंधा हुआ मानती है जिसमें खनन पर रोक लगाई गई थी। यह खनन नहीं है। पाइपलाइन पार्क के बाहर बिछाई जा रही है। यह जमीन के नीचे 4,000 मीटर तक जाती है और फिर क्षैतिज रूप से आगे बढ़ती है। द्विवेदी ने मामले की गंभीरता पर जोर दिया और कहा कि प्रस्तावित परियोजना देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए बहुत जरूरी है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर कोई नई वजह है, तो आवेदक नई याचिका दाखिल कर सकता है।
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