औरंगाबाद के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के यारी गांव के टोला टिकरी बिगहा में मंगलवार को सड़क पर गिरे विद्युत तार की चपेट में आने से 16 वर्षीय किशोर सोनू कुमार की मौत हो गई। मृतक टिकरी बिगहा निवासी जितेंद्र यादव का पुत्र था।
बताया जाता है कि सोनू कुमार सड़क से होकर गुजर रहा था। इसी दौरान सड़क पर पहले से गिरा विद्युत तार उसके संपर्क में आ गया। तार पर नजर नहीं पड़ने के कारण किशोर करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया। लोगों ने बांस और डंडे की मदद से किसी तरह किशोर को विद्युत तार से अलग किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था सोनू
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। सोनू की मौत की खबर सुनकर परिवार के लोग बदहवास हो गए। स्वजन ने बताया कि सोनू चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। कम उम्र में उसकी इस तरह हुई आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे टोले में शोक का माहौल है। आसपास के लोग भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर विद्युत तार गिरने के बाद यदि समय रहते उसे हटाया जाता या विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती, तो हादसा टाला जा सकता था। घटना ने विद्युत तारों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से ऐसे स्थानों पर नियमित रूप से विद्युत तारों की जांच कराने और क्षतिग्रस्त तारों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े।
पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंपा शव
घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। पुलिस घटना के कारणों और विद्युत तार के सड़क पर गिरने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
सदर अस्पताल पहुंचे राजद युवा नेता एवं समाजसेवी संतोष यादव ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक के आश्रितों को आपदा राहत के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क पर विद्युत तार गिरने की सूचना मिलने के बाद विद्युत विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी।
समय रहते तार को हटाने अथवा विद्युत आपूर्ति बंद करने से हादसे को रोका जा सकता था। उन्होंने विद्युत विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तारों की नियमित जांच कराने और जर्जर तारों को समय पर बदलने की मांग की, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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