साल 2022 में तत्कालीन बीजेपी सरकार ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हिजाब समेत सिर ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया था
दीपक मंडल, रौनक भैड़ा
अब इस लाइव ब्लॉग को यहीं रोकते हैं. बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल को दीजिए इजाज़त. कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.
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नीट परीक्षा कराने में क्या कोई ख़ामी है और कहाँ हो सकता है पेपर लीक?
सोने पर बढ़े टैरिफ़ का फ़ायदा क्या यूएई को मिलेगा, भारतीय वाक़ई कम कर देंगे ख़रीदारी?
सीएम जोसेफ़ विजय ने एक ज्योतिषी को ओएसडी रखा और फिर हटाया, क्या है पूरा मामला
'अच्छा मदरसा यहीं मिल जाए तो वहां क्यों जाएंगे': उन परिवारों की कहानी जिनके बच्चों को मदरसा जाने से रोका गया
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कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के बीजेपी सरकार के साल 2022 के फ़ैसले को राज्य सरकार ने पलटते हुए सीमित धार्मिक या आस्था आधारित प्रतीक पहनने की अनुमति दी है.
साल 2022 में तत्कालीन बीजेपी सरकार ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हिजाब समेत सिर ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस आदेश के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे और सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था.
विवाद बढ़ने के बाद मामला अदालतों तक पहुंच गया था.
जहां कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रतिबंध के आदेश को बरकरार रखा था, वहीं सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने विभाजित फ़ैसला दिया और मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने की बात कही थी.
बुधवार को कर्नाटक के स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक पोशाक से जुड़ा 2022 का आदेश वापस ले लिया गया है और नए आदेश के तहत छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ ''सीमित पारंपरिक और प्रथा-आधारित प्रतीक'' पहनने की अनुमति दी जाएगी.
कर्नाटक के मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा, "धार्मिक रीति-रिवाज छात्रों की शिक्षा और भविष्य के बीच नहीं आने चाहिए. हमारा संविधान सभी धर्मों की अनुमति देता है."
कांग्रेस विधायक रिज़वान अरशद ने कहा है कि यह सिर्फ़ अल्पसंख्यक समुदाय ही नहीं, बल्कि अलग-अलग समुदाय के स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव होता है, यह सिर्फ़ हिजाब की बात नहीं है, चाहे मंगलसूत्र हो, हिजाब हो, स्कार्फ़ हो, या जानिवारा हो, ये सभी सदियों से चली आ रही परंपराएँ हैं.
उन्होंने कहा, “पढ़ाई स्टूडेंट्स का बुनियादी अधिकार है. सरकार उन स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव कैसे कर सकती है जो अपनी परंपरा को मानते हैं? सरकार उनसे कैसे कह सकती है कि उन्हें एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन से दूर रखा जाए? सरकार का काम दायरा बढ़ाना है ताकि समाज का हर तबका, जिसमें युवा भी शामिल हैं, आकर पढ़ाई कर सकें.''
'' इस सरकारी ऑर्डर ने उस दायरे को बढ़ाया है, यह साफ़ किया है कि किसी भी स्टूडेंट, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, ईसाई हो, सिख हो, या बौद्ध हो, के साथ उनके पारंपरिक कपड़ों के लिए भेदभाव नहीं किया जा सकता."
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ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत आए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि भारत और रूस के बीच दूरियां असंभव है. इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती.
उन्होंने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते को किसी एक शब्द में ज़ाहिर करना मुश्किल है.
पत्रकारों ने उनसे पूछा कि अगर भारत और रूस के रिश्तों को एक शब्द में परिभाषित करने के लिए कहा जाए तो आप क्या कहेंगे?
उनसे ये भी पूछा गया कि भारत और रूस में अलगाव हुआ तो दुनिया को क्या नुक़सान होगा. और अगर एक साथ रहें तो दुनिया को क्या फ़ायदा होगा.
इन सवालों पर उन्होंने कहा, ''इस रिश्ते की व्याख्या एक वाक्य में नहीं हो सकती. ऐसा नहीं है कि मनुष्य की भाषा में इस रिश्ते को परिभाषित करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं. लेकिन ऐसे मज़बूत रिश्ते के बारे में इस तरह की कल्पना करना भी कठिन है. दोनों के अलग होने की कल्पना करना भी कठिन है.''
उन्होंने कहा, ''हिंदी-रूसी भाई-भाई कोई फ़न स्लोगन नहीं है. ये हमारी संस्कृति का हिस्सा बन गया है. हिंदी फ़िल्में, राज कपूर रूस में बेहद लोकप्रिय हैं. हाल में भारत की फ़िल्में और सिरीज़ भी रूस में काफी लोकप्रिय हैं.'
''जहां तक आर्थिक मोर्चे की बात है तो एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी और डिफेंस में साझा उत्पादन में सहयोग बढ़ रहा है. सांस्कृतिक आदान-प्रदान जारी है. एक देश से दूसरे देश में लोगों का आना-जाना बढ़ा है.''
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कांग्रेस 14 मई को केरल में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर देगी.
कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा, ''कांग्रेस विधायक दल ने नेता चुनने के लिए पार्टी नेतृत्व को अधिकृत किया था. आलाकमान ने चर्चा पूरी कर ली है और फैसले की घोषणा कल की जाएगी.''
केरल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट ने जीत हासिल की है.
राज्य में मुख्यमंत्री की दौड़ में तीन नाम सबसे ऊपर हैं.
ये नाम हैं – संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, केरल की पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे वीडी सतीशन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री.
पार्टी नेतृत्व के मुताबिक़ सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम नाम तय किया जाएगा.
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर बुधवार (13 मई 2026) को अहम बातचीत की.
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय ने कहा है कि मेडिकल कोर्स में नीट आधारित दाख़िले को ख़त्म कर देना चाहिए और राज्यों को 12वीं क्लास के मार्क्स के आधार पर स्टूडेंट को दाख़िले की इजाज़त देनी चाहिए.
मुख्यमंत्री विजय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी 2026) का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 3 मई 2026 को 5,432 केंद्रों पर किया था और सिर्फ़ तमिलनाडु में ही यह परीक्षा 31 शहरों में आयोजित की गई.
“इस परीक्षा में 22,05,035 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें लगभग 1.4 लाख उम्मीदवार तमिलनाडु से थे. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अब भारत सरकार की मंज़ूरी के साथ इस परीक्षा को रद्द कर दिया है, क्योंकि कानूनी प्रवर्तन एजेंसियां प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों की जांच कर रही हैं.”
“इस मामले की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है. देशभर में इस परीक्षा को रद्द किए जाने से लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की उम्मीदें टूट गई हैं. यह पहली बार नहीं है जब नीट की शुद्धता प्रभावित हुई है.”
“2024 में प्रश्नपत्र लीक हुआ था और छह राज्यों में एफ़आईआर दर्ज की गई थीं, जिन्हें बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की थी, जिसने सुधारों के लिए 95 व्यापक सिफारिशें प्रस्तुत की थीं.”
“इसके बावजूद, दो वर्षों के भीतर फिर एक पेपर लीक हुआ और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में खामियों और संरचनात्मक कमियों का निर्णायक प्रमाण है.”
सीएम विजय के बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु की सरकारें शुरू से ही लगातार और सर्वसम्मति से नीट का विरोध करती रही हैं.
“नीट लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों, तमिल माध्यम की पृष्ठभूमि और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के छात्रों को गंभीर नुक़सान हुआ है.”
“तमिलनाडु सरकार नीट को ख़त्म करने और राज्यों को एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में राज्य कोटे की सभी सीटें 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति देने की अपनी काफ़ी समय से लंबित मांग को दोहराती है.”
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है पवन खेड़ा आज स्पेशल ब्रांच के सामने पेश हुए. उन्होंने स्पेशल ब्रांच में पूछताछ के दौरान सवालों का जवाब दिया.
उन्होंने कहा, "पवन खेड़ा ने मेरी पत्नी के ख़िलाफ़ जो केस दर्ज कराया था उसमें क़ानून अपना काम करेगा.''
उन्होंने कहा कि समय आने पर इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी. इस बीच क़ानून अपना काम करेगा.
असम के सीएम के इस बयान के बाद असम कांग्रेस के प्रमुख गौरव गोगोई ने पार्टी के नेता पवन खेड़ा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार की ओर से दर्ज कराई गई एफ़आईआर के आधार पर असम पुलिस ने आज पवन खेड़ा को गुवाहाटी में तलब किया था. वह सुबह 10 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं.''
उन्होंने कहा, ''इस एफ़आईआर का मक़सद लोगों को हिमंत बिस्वा सरमा की कथित अवैध संपत्तियों के बारे में बोलने से रोकना है. लेकिन अब असम और भारत की जनता यह सब जानती है. जब हिमंत बिस्वा सरमा ऐसे आरोपों से इनकार करते हैं तो लोग उन पर भरोसा नहीं करते.''
उन्होंने कहा, ''बीजेपी और हिमंत बिस्वा सरमा यह सोचते हैं कि ऐसी एफ़आईआर से कांग्रेस डर जाएगी, तो यह उनकी गलती है. हमें बीजेपी से किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, वे वॉशिंग मशीन की तरह हैं.''
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पवन खेड़ा के ख़िलाफ़ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की एफ़आईआर पर असम पुलिस की अपराध शाखा ने मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाते हुए एक आपराधिक मामला दर्ज किया था.
पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था.
उन्होंने रिनिकी भुइयां सरमा के पास यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा, और मिस्र का पासपोर्ट होने का आरोप लगाते हुए उसके समर्थन के कुछ दस्तावेज़ों की कॉपी भी दिखाई थी.
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पूर्व हॉकी खिलाड़ी और कोच पीआर श्रीजेश ने कहा है कि एक कोच के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें हटाया जा रहा है.
उन्होंने दावा किया है कि हॉकी इंडिया की पसंद विदेशी कोच हैं इसलिए भारत की जूनियर हॉकी टीम के कोच के तौर पर उनका कार्यकाल अचानक ख़त्म किया जा रहा है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''ऐसा लगता है कि डेढ़ साल बाद मेरा कोचिंग करियर समाप्त हो रहा है. इस दौरान हमने पांच टूर्नामेंट खेले और सभी में पोडियम फिनिश हासिल की, जिसमें जूनियर विश्व कप का कांस्य पदक भी शामिल है.''
''मैंने खराब प्रदर्शन के बाद कोचों को हटाए जाने के बारे में सुना था, लेकिन यह पहली बार है जब मैं खुद यह अनुभव कर रहा हूं कि किसी विदेशी कोच के लिए जगह बनाने के मकसद से मुझे हटाया जा रहा है.''
उन्होंने लिखा, ''हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच जूनियर टीम के लिए विदेशी हेड कोच चाहते हैं. उनका मानना है कि इससे जूनियर स्तर से लेकर सीनियर स्तर तक भारतीय हॉकी के विकास में मदद मिलेगी. यही वजह है कि विदेशी कोचों को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है.''
पीआर श्रीजेश भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं. वह 2020 और 2024 ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी बेहद अहम दो दिवसीय शिखर बैठक के लिए बुधवार को बीजिंग पहुंच गए.
ट्रंप एयर फोर्स वन विमान से चीन पहुंचे. चीन की राजधानी बीजिंग में उपराष्ट्रपति हान झेंग ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया.
हान झेंग चीन के शीर्ष नेताओं में शामिल हैं. उन्हें ट्रंप के स्वागत के लिए भेजे जाने को चीन की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति को विशेष सम्मान देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
इससे पहले 2017 में ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान चीन ने अपेक्षाकृत जूनियर स्तर के नेता स्टेट काउंसलर यांग जिएची को स्वागत के लिए भेजा था.
हान झेंग 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे.
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दुनिया की दो सबसे ताक़तवर देशों के बीच होने वाली इस बैठक में टैरिफ़, टेक्नोलॉजी की प्रतिस्पर्द्धा, ईरान युद्ध और ताइवान जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
ट्रंप ने अपना पिछला चीन दौरा 2017 में किया था. ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ईरान युद्ध, वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर से तनाव पैदा हुआ है.
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एयर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 के बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अस्थायी बदलाव और कटौती की घोषणा की है.
एयरलाइन ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा है, "यह फ़ैसला कई वजहों से लिया गया है. इनमें कुछ क्षेत्रों के ऊपर जारी एयर स्पेस प्रतिबंध और हवाई जहाज़ ईंधन की कीमतों में रिकार्ड बढ़ोतरी शामिल हैं. इससे कुछ सेवाओं का संचालन मुश्किल हो गया है.’’
एयरलाइन ने कहा है कि इन कारणों से कुछ सेवाओं का संचालन व्यावसायिक रूप से कठिन हो गया है.
एयर इंडिया ने कहा कि जिन यात्रियों की बुकिंग प्रभावित होगी, उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में एडजस्ट किया जाएगा. एयरलाइन ने कहा है कि यात्रियों को कोई चार्ज दिए बगैर यात्रा की तारीख बदलने या पूरा रिफंड लेने की सुविधा मिलेगी.
एयरलाइन के मुताबिक़ दिल्ली-शिकागो सेवा अस्थायी रूप से बंद रहेगी.
वहीं दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को, दिल्ली-टोरंटो और दिल्ली-वैंकूवर उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी.
यूरोप सेक्टर में दिल्ली-पेरिस, कोपेनहेगन, मिलान, वियना, ज्यूरिख और रोम के लिए उड़ानों की संख्या कम की जाएगी.
ऑस्ट्रेलिया रूट्स पर दिल्ली-मेलबर्न और दिल्ली-सिडनी उड़ानों को सप्ताह में सात से घटाकर चार कर दिया जाएगा.
दक्षिण-पूर्व एशिया और सार्क क्षेत्र में दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले सेवाएं अगस्त तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगी.
इसके अलावा सिंगापुर, बैंकॉक, कुआलालंपुर, हो ची मिन्ह सिटी, हनोई, काठमांडू, ढाका और कोलंबो के लिए कई उड़ानों की संख्या कम की जाएगी.
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नेपाल ने भारतीय पर्यटकों की यात्रा पर नए प्रतिबंध लगाए जाने की ख़बरों को निराधार बताया है.
नेपाल टूरिज़्म बोर्ड ने कहा है कि कुछ खबरों से यह धारणा बन गई थी कि नेपाल, भारत से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही सीमित करने की कोशिश कर रहा है.
नेपाल टूरिज़्म बोर्ड ने आम लोगों और मीडिया से अपील की है वे ऐसी ख़बरें न फैलाएं.
नेपाल टूरिज्म बोर्ड की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा की गई प्रेस रिलीज में कहा गया है, ''बोर्ड कुछ मीडिया आउटलेट और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की ओर से नेपाल में भारतीय पर्यटकों की यात्रा से जुड़े नियमों को लेकर गुमराह करने वाली और गलत जानकारियां सर्कुलेट करने पर चिंतित है.''
बोर्ड ने कहा, ''कई रिपोर्टों में ये दावा किया जा रहा है नेपाल सरकार ने नेपाल-भारत बॉर्डर पार करने वालों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. उनमें ऐसे लोगों का परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है. अब भारतीय पर्यटक 30 दिन से ज्यादा यहां नहीं रुक पाएंगे. इससे अधिक रुके तो वाहन जब्त कर लिए जाएंगे. लेकिन ये सारी ख़बरें गलत, बेबुनियाद और गुमराह करने वाली हैं.''
प्रेस रिलीज में कहा गया है, "नेपाल और भारत के लोगों के बीच संबंध काफी मजबूत और ऐतिहासिक हैं.''
''दोनों देशों के पर्यटन सहयोग भी काफी मजबूत है. इसमें कोई बदलाव नहीं आया है.''
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक साल तक सोना न खरीदने और कुकिंग ऑयल कम ख़र्च करने की पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सरकार को फिर घेरा है.
उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री लोगों से सादगी अपनाने को कह रहे हैं, जबकि खुद की छवि चमकाने पर भारी खर्च कर रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''सरकार हर दिन क़रीब 1.5 करोड़ रुपये विज्ञापनों और प्रचार पर खर्च करना ज़्यादा ज़रूरी समझती है. 2014-15 से 2024-25 के बीच बीजेपी सरकार ने विज्ञापनों पर कुल 5,987.46 करोड़ रुपये खर्च किए.''
उन्होंने लिखा, ''भाजपा का यह क्रूर मॉडल कमजोर और वंचित नागरिकों से उनकी आर्थिक गरिमा छीनता है, जबकि राजनीतिक दिखावे पर बेहिसाब खर्च करता है.''
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ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचने के बाद 20 मिनट से भी कम समय में वहां से निकल गए.
स्ट्रीटिंग प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ एक अहम बैठक के लिए पहुंचे थे. प्रधानमंत्री स्टार्मर और स्ट्रीटिंग के बीच आज सुबह बातचीत होने की उम्मीद थी. स्ट्रीटिंग को पीएम पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है.
इससे पहले स्टार्मर ने लेबर पार्टी के भीतर उठ रही उनके इस्तीफ़े की मांग को ख़ारिज कर दिया. यह घटनाक्रम ब्रिटेन के किंग की स्पीच से पहले सामने आया है. इस स्पीच में किंग चार्ल्स सरकार के नए प्रस्तावित कानूनों और योजनाओं की घोषणा करेंगे.
माना जा रहा है कि भाषण में कई नए विधायी प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं.
बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता आएन वाटसन ने लिखा है कि किंग चार्ल्स सरकार के नए विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा पेश करेंगे. लेकिन यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या स्टार्मर इतने समय तक प्रधानमंत्री बने रह पाएंगे कि इन योजनाओं को लागू कर सकें.
मंगलवार को ब्रिटेन के चार मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
अब तक लेबर पार्टी के 80 से अधिक सांसद प्रधानमंत्री स्टार्मर से तुरंत पद छोड़ने या इस्तीफ़े की समयसीमा तय करने की मांग कर चुके हैं.
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मणिपुर में बुधवार को घात लगाकर किए गए एक हमले में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, यह घटना बुधवार (13 मई 2026) सुबह क़रीब 10 बजे इंफाल-तामेंगलोंग राजमार्ग पर कोटलेन और कोटज़िम गांवों के बीच हुई है.
मिली जानकारी के मुताबिक़ संदिग्ध उग्रवादियों ने कथित तौर पर वहां से गुज़र रहे वाहनों पर हमला किया जिसमें तीन चर्च नेताओं की मौत हो गई.
इस हमले में मारे गए लोगों की पहचान मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव रेव. डॉ. वी. सितलहौ, रेव. काइगौलुन और पास्टर पाओगौलेन के रूप में हुई है.
कुकी ऑर्गनाइज़ेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट ने एक लिखित बयान जारी कर इस हमले की निंदा की है.
इस कुकी मानवाधिकार संगठन ने हमले का आरोप नगा चरमपंथी समूह एनएससीएन-आईएम और ज़ेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट के कैडरों पर लगाया है.
अपने बयान में संगठन ने कहा, "वरिष्ठ कुकी चर्च नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल पर किया गया यह हमला एनएससीएन-आईएम और ज़ेडयूएफ़ की मिलीभगत है. यह प्रतिनिधिमंडल चुराचांदपुर से कांगपोकपी की एक धार्मिक बैठक में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहा था. लेकिन उनकी हत्या कर दी गई.''
संगठन ने कहा, ''इस प्रतिनिधिमंडल में थाडू बैपटिस्ट एसोसिएशन और यूनाइटेड बैपटिस्ट काउंसिल के सबसे सीनियर पादरी शामिल थे."
दरअसल बीते फ़रवरी महीने से कुकी जनजाति और मणिपुर के तांगखुल नगा जनजाति के लोगों में हिंसक टकराव चल रहा है.
इस संघर्ष की शुरुआत तांगखुल नगा और कुकी-जो जनजाति के कुछ युवकों के बीच कथित तौर पर मारपीट से हुई थी.
लेकिन बाद में हिंसा ने देखते ही देखते कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. तब से दोनों समुदायों के बीच गनफाइट जारी है.
इस हमले से नाराज़ कुकी छात्र संगठन ने बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे से चुराचांदपुर में बेनियादी बंद की घोषणा की है.
वहीं थाडो समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने चर्च नेताओं की हत्या के विरोध में कांगपोकपी ज़िले के सदर हिल्स में तत्काल पूर्ण बंद का आह्वान किया है.
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक इस लाइव पेज के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
– प्रतीक यादव: राजनीति से दूर रियल एस्टेट कारोबारी, अखिलेश से कैसे थे रिश्ते
– विदेशी मुद्रा भंडार के लिहाज़ से ये 10 बड़े देश, भारत के अरबों डॉलर भी काफ़ी क्यों नहीं
– भाई प्रतीक यादव की मौत पर ये बोले अखिलेश यादव, डॉक्टर ने क्या बताया?
– पाकिस्तान में बांग्लादेश से मिली हार के बाद फूटा ग़ुस्सा, क्या बोले पूर्व क्रिकेटर
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा का रिज़ल्ट जारी कर दिया है.
सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और cbseresults.nic.in पर जाकर 12वीं कक्षा का रिज़ल्ट चेक किया जा सकता है.
यहां पर स्टूडेंट्स अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी डालकर रिज़ल्ट देख सकते हैं.
उमंग ऐप और डिजिलॉकर पर भी नतीजों का लिंक जारी कर दिया गया है.
इस साल सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा फ़रवरी से अप्रैल 2026 के बीच भारत और दूसरे कई देशों में हज़ारों परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी.
विज्ञान, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज़ स्ट्रीम के लाखों छात्रों ने इन वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं में हिस्सा लिया.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थ के तौर पर बहुत अच्छा काम किया है.
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जो अमेरिकी चैनल सीबीएस न्यूज़ ने छापी थी.
रिपोर्ट में दावा किया गया, "पाकिस्तान ने ईरानी जहाज़ों को अपने एयरबेस पर रखा ताकि उन्हें संभावित अमेरिकी हमलों से बचाया जा सके."
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे 'गुमराह' करने वाली 'सनसनीख़ेज़ रिपोर्टिंग करार' दिया था.
इसके बाद चीन के दौरे पर जा रहे डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर पुनर्विचार कर रहे हैं?
इस पर जवाब देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "नहीं. मुझे लगता है कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. मुझे लगता है कि पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री दोनों ने बहुत अच्छा काम किया है."
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तमिलनाडु में बुधवार को तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया है.
मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय की सरकार के पक्ष में 144 विधायकों ने वोट किया. 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है.
बीबीसी तमिल के मुताबिक़, पहले मुख्यमंत्री विजय ने प्रस्ताव रखा, फिर सभी दलों के विधायकों ने इस पर अपनी बात रखी.
इसके बाद डिवीजन बेंच सिस्टम से वोटिंग हुई. इसमें 144 विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार के पक्ष में वोट किए.
डीएमके के वॉकआउट करने के बाद सदन में मौजूद सदस्यों में से 22 ने विरोध में वोट किया.
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समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की बुधवार को मौत हो गई है. इस पर लखनऊ के डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर का बयान आया है.
डीसीपी विक्रांत वीर ने मीडिया से कहा, "प्रतीक यादव को मृत अवस्था में सिविल अस्पताल लाया गया था. उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. आगे की जांच जारी है."
इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि कभी-कभी पैसों का नुक़सान या कारोबार में रुकावट लोगों को दुखी कर देता है.
उन्होंने कहा, "मैं प्रतीक को बचपन से जानता था. आज वह हमारे बीच नहीं रहा. हम इस घटना से बेहद दुखी हैं… वह जीवन में आगे बढ़ना और काम करना चाहता था. यह बेहद दुखद है कि आज वह हमारे साथ नहीं है. हम क़ानून और परिवार के सदस्यों की जो भी बात होगी, उसका पालन करेंगे. हम क़ानूनी रास्ता अपनाएंगे."
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कांग्रेस नेता अजय राय, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेताओं ने प्रतीक की मौत पर शोक व्यक्त किया है.
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भारत सरकार ने बुधवार को सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है.
इसके बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की क़ीमतें 6% बढ़कर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं.
वहीं, चांदी की क़ीमतें भी तकरीबन 6% बढ़कर 2.95 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गईं.
सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फ़ैसला इसलिए लिया है ताकि कीमती धातुओं की विदेशों से ख़रीद को कम हो और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटे.
सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि इंफ़्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट सेस लगाया है, जिससे प्रभावी आयात कर 6% से बढ़कर 15% हो गया है.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे कम से कम एक साल तक सोने के गहने न ख़रीदें.
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