मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के दौर में विद्यार्थियों को पुस्तकों से जोड़ने और हिंदी के प्रति समझ विकसित करने के लिए पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय धौलपुर में राजभाषा एवं पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को हिंदी के संवैधानिक
राजभाषा प्रदर्शनी में हिंदी के विकास, संविधान में हिंदी का स्थान, राजभाषा अधिनियम, राजभाषा नियम और कार्यालयीन कार्य में हिंदी के प्रयोग से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की गई। विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि हिंदी केवल बातचीत की भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण भाषा है।
कार्यक्रम संयोजक दीपक कुशवाह ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी के संवैधानिक और व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना है। हिंदी का सम्मान और उसका व्यवहारिक प्रयोग सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की श्रेष्ठ पुस्तकों का अध्ययन करने और अपने विचार हिंदी में प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्राचार्य मन्मथ कुमार शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि पुस्तकें विद्यार्थी के व्यक्तित्व निर्माण की सच्ची साथी हैं। नियमित पठन से भाषा, कल्पनाशक्ति, चिंतन और अभिव्यक्ति कौशल का विकास होता है। आज विद्यार्थी एक क्लिक में हजारों जानकारियां हासिल कर सकता है, लेकिन हर जानकारी ज्ञान नहीं होती। सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर मिलने वाली सूचनाएं तेजी से आती-जाती हैं, जबकि किताब विद्यार्थी को किसी विषय को पढ़ने, समझने, सवाल करने और अपनी राय बनाने का अवसर देती है। यही वजह है कि पठन संस्कृति केवल किताब पढ़ने की आदत नहीं, बल्कि बेहतर सोच विकसित करने की प्रक्रिया है। कहानी-कविता से लेकर विज्ञान और जीवनी तक किताबें:- पुस्तक प्रदर्शनी में हिंदी साहित्य, बाल साहित्य, कहानी, कविता, जीवनी, इतिहास, विज्ञान, सामान्य ज्ञान और प्रेरणादायक पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों को देखा और उनके विषयों की जानकारी ली। पुस्तकालयाध्यक्ष नीरजा और कला शिक्षिका अनीता महावर ने विद्यार्थियों को आयु और रुचि के अनुसार पुस्तकों के चयन की जानकारी दी । ‘पढ़ें, समझें, विचार करें और आगे बढ़ें:- ‘राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग विद्यार्थियों को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने और हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह रहा। उन्होंने राजभाषा संबंधी सामग्री के साथ विभिन्न ज्ञानवर्धक और साहित्यिक पुस्तकों का अवलोकन किया। इस अवसर ने विद्यार्थियों को ‘पढ़ें, समझें, विचार करें और आगे बढ़ें’ की भावना से जोड़ने का काम किया। इस अवसर पर जितेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, अंजू कुमारी, मुकेश आदि रहे।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.