किसानों की शिकायत पर अमानक बीज मामले में कार्रवाई, नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर एफआईआर दर्ज – Krishak Jagat

17 अप्रैल 2026, भोपाल: किसानों की शिकायत पर अमानक बीज मामले में कार्रवाई, नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर एफआईआर दर्ज – मध्यप्रदेश के धार और खरगोन जिलों के किसानों ने करेला फसल में अमानक बीज एवं रोपों से हुए भारी नुकसान का मामला केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष नई दिल्ली में उठाया। किसानों ने बताया कि कथित रूप से खराब गुणवत्ता वाले बीज और रोपों के कारण उनकी फसल प्रभावित हुई, उत्पादन घटा और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित किसानों को राहत दिलाने, मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेज कार्रवाई हुई और धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिकी क्रमांक 266 में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराएं 3 व 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
किसानों के अनुसार उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से संबंधित कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे। बुवाई और रोपण के बाद करेला फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि फल छोटे रहे, पीले पड़े और समय से पहले गिरने लगे, जिससे पैदावार में भारी कमी आई। इसके बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के बाद कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि किसानों को कथित रूप से अमानक बीज एवं अमानक बीज से तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय, लापरवाही या धोखाधड़ी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और सरकार प्रभावित किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए और किसानों को न्याय दिलाने में कोई ढिलाई न बरती जाए।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। साथ ही करेला की रूबासटा किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कृषि आदानों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई बीज गुणवत्ता नियंत्रण, जवाबदेही और किसानों के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है। किसानों ने भी उम्मीद जताई है कि उन्हें नुकसान की भरपाई मिलेगी और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी।
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