हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर से किसान शुक्रवार (6 दिसंबर) को दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए, लेकिन करीब ढाई घंटे बाद किसानों ने मार्च टाल दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है, इसलिए हम कल तक इंतजार करेंगे। हम
पिछले 9 महीने से कैंप लगाकर बैठे किसानों ने दोपहर एक बजे 101 किसानों का जत्था दिल्ली रवाना किया था। किसानों ने बैरिकेड और कंटीले तार उखाड़ दिए। इस पर हरियाणा पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी और आंसू गैस के गोले दागे। इसमें 8 किसान घायल हुए हैं। 2 की हालत गंभीर है।
पंधेर ने कहा कि हरियाणा पुलिस से हमारी बातचीत हुई। उन्होंने हमसे मांग पत्र मांगा। इसके बाद हमने उन्हें मांग पत्र सौंपा। जिसमें केंद्र सरकार से वार्ता की बात कही है। कल का दिन केंद्र सरकार से बातचीत के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा है कि हरियाणा पुलिस की तरफ से दागे गए आंसू गैस के गोलों के कारण हमारे काफी नेता घायल हुए हैं। इसके बाद हमने जत्थे को वापस बुला लिया।
इस मामले में राहुल गांधी ने कहा- किसान सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखने और अपनी पीड़ा को व्यक्त करने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं। उन पर आंसू गैस के गोले दागना और उन्हें तरह-तरह से रोकने का प्रयास करना निंदनीय है।
शंभू बॉर्डर पर ये इंतजाम किए हैं हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ सीमेंट की पक्की दीवार बना रखी है। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। पुल के नीचे पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के करीब 1 हजार जवान तैनात हैं। वज्र वाहन और एंबुलेंस भी मौजूद हैं।
किसानों के दिल्ली मार्च की पल-पल की खबर जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
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