केंद्र ने खारिज किया कर्नाटक में पेट्रोल में ज्यादा एथनॉल मिलाने का दावा, कहा- सभी सैंपल पास – Jagran

केंद्र सरकार ने कर्नाटक में पेट्रोल में तय सीमा से अधिक एथनॉल मिलाने के दावों को खारिज कर दिया है। …और पढ़ें
सांकेतिक तस्वीर।
केंद्र ने कर्नाटक में अधिक एथनॉल मिलाने के दावे खारिज किए।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया सभी 56 सैंपल मानकों पर खरे उतरे।
तेल कंपनियों ने सैंपलिंग तरीकों पर सवाल उठाए, स्वतंत्र जांच की मांग।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में बीते कुछ दिनों से पेट्रोल और एथनॉल खूब चर्चा में है। इसकी वजह है कि हाल ही में राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में तय सीमा से ज्यादा एथनॉल 26 से 31 प्रतिशत तक मिलाने की खबरें सामने आई थीं।
ऐसे में जब चर्चाओं का बाजार गर्म हुआ तब केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। सरकार ने शनिवार को इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि इससे संबंधित सभी सैंपल पास हो गए हैं। 
मामले में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देश भर में चल रहे गुणवत्ता जांच अभियान के तहत कर्नाटक से लिए गए सभी 56 सैंपल तय मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं।
बता दें कि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कर्नाटक के पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले पेट्रोल में 26% से 31% तक एथनॉल मिलाया जा रहा है, जो तय सीमा से बहुत ज्यादा है।
अब पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) द्वारा सप्लाई किया जाने वाला E20 पेट्रोल 20% एथनॉल मिला पेट्रोल पूरी तरह ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के नियमों (IS 17021) का पालन करता है।
इस बात को ऐसे समझिए कि देश भर के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 893 सैंपल इकट्ठा किए गए थे, और ये सभी गुणवत्ता के मानकों पर सही पाए गए। कर्नाटक के 56 सैंपलों में भी एथनॉल की मात्रा बिल्कुल सही यानी 19% से 20% के बीच पाई गई।
उधर, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने कर्नाटक में अक्टूबर 2026 के दौरान अपनाए गए सैंपलिंग और टेस्टिंग के तरीकों पर सवाल उठाए हैं। कंपनियों का कहना है कि जो तरीके अपनाए गए, वे तय कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं के मुताबिक नहीं थे। उन्होंने सच्चाई सामने लाने के लिए संयुक्त रूप से सैंपल लेने और तय मानकों के तहत स्वतंत्र जांच की मांग की है।
मंत्रालय ने याद दिलाया कि ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ और ‘मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस (MDG) 2024’ के तहत पेट्रोल-डीजल के सैंपल लेने की एक पक्की प्रक्रिया तय है। 
इतना ही नहीं सरकार ने यह भी बताया कि सितंबर 2026 में हुई जांच के दौरान भी सभी सैंपल राज्य स्तरीय कोऑर्डिनेटर के जरिए तय लैब्स में भेजे गए थे और सभी मानकों पर पास हुए थे। पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत आने वाला ‘सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी’ (CHT) लगातार इस बात पर नजर रखे हुए है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर बेहतरीन क्वालिटी का ईंधन मिले।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News