कैथल में भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप से जुड़े किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया गया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द करने को लेकर जिला प्रशासन
ट्रेड डील देश के किसानों और खेत मजदूरों पर सीधा हमला
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील देश के किसानों और खेत मजदूरों पर सीधा हमला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कृषि मंत्री के बयानों से साफ है कि भारत- अमरीकी कृषि उत्पादों को जीरो कस्टम ड्यूटी पर अपने बाजार में आने देगा, जिससे भारतीय किसानों की रोजी-रोटी छिन जाएगी।
उन्होंने कहा कि 2024 में अमेरिका का भारत के साथ कृषि व्यापार घाटा 1.3 बिलियन डॉलर था, अब यह डील अमेरिकी किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, न कि हमारे किसानों की रक्षा के लिए। ऐसे में भारतीय किसान कहां जाएगा?
किसान को बर्बाद करने का षड्यंत्र बताया
कसाना ने कहा कि पहले तीन काले कृषि कानूनों से खेती कॉर्पोरेट के हवाले करने की कोशिश हुई अब फिर अमेरिकी उत्पादो को जीरो कस्टम ड्यूटी पर लाकर किसान को बर्बाद करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। यह किसानो से सबसे बड़ा विश्वासघात है। जिला अध्यक्ष गुरनाम फरल व प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चहल नरड ने कहा कि भाकियू लंबे समय से किसानों, मजदूरों एवं आम जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
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