Edited by: Pooja Batra | Updated: May 27, 2026, 7:52 PM
आशा भोसले के गाने आज भी कल्ट और यादगार हैं. आपको ये जानकर हैरानी होगी की महज़ 10 साल की उम्र में उन्होंने मराठी फिल्म ‘माझा बाला’ के लिए अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था, वो भी किसी बड़े रिकॉर्डिंग स्टूडियों में नहीं, बल्कि एक पेड़ के नीचे. जिसके ऊपर बैठे कौए कांव-कांव कर रहे थे और ट्रेन की आवाज़ बार-बार अपनी छुक-छुक आवाज़ से डिस्टर्ब कर रही थी.
एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि उस अनुभव का भी अलग ही मज़ा था. उस वक्त मुझे सॉन्ग रिकॉर्डिंग का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था. मुझे किसी स्टूडियो में नहीं बल्कि पेड़ के नीचे खड़े होकर गाना था, मेरे हाथ-पैर कांप रहे थे. मुझे विश्वास नहीं था कि मैं भी दीदी की तरह गा सकती हूं.
इस गाने की सबसे बड़ी चुनौती थी आसपास का शोर. कभी पेड़ के ऊपर बैठे कांव-कांव करते तो कभी पास से गुज़रती ट्रेन की आवाज़ रिकॉर्डिंग खराब कर देती. हर बार गाना रोकना पड़ता और फिर से शुरुआत करनी होती.
आशा भोसले ने इस इंटरव्यू में बताया कि पहले स्टूडियो खाली मिलना इतना आसान नहीं होता था. कई फिल्मों के गानों की रिकॉर्डिंग चलती रहती थी. मुझे भी एक गाना रिकॉर्ड करना था, उस वक्त कोई स्टूडियो खाली नहीं था. फिर एक पेड़ के नीचे सुबह के 4 बजे हमनें गाना रिकॉर्ड किया.
उस समय किसने सोचा होगा कि यही छोटी बच्ची आगे चलकर एक महान सिंगर बनेंगी जिसे हम आशा ताई के नाम से बुलाएंगे, ये वो म्यूज़िक क्वीन हैं जिन्होंने सैंकड़ों गानों को अपनी आवाज़ से तराशा. फिर वो चाहे रोमांटिक हो, गजल, पॉप, क्लब सॉन्ग या फिर लोक धुन, आशा भोसले को हर अंदाज में, हर शैली में गाने की कला आती थी.
आशा भोसले के करियर की सबसे बड़ी खासियत यही रही कि उन्होंने हर दौर के साथ खुद को बदला, यही वजह है कि उनकी आवाज सिर्फ एक पीढ़ी नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों की पसंद बन गई.
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