क्या आपकी EMI बढ़ेगी? लोन लेने वालों को झटका या राहत… थोड़ी देर में RBI का फैसला – Aaj Tak

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज अपना बड़ा फैसला सुनाने वाला है. मौद्रिक नीति समिति की बैठक (RBI MPC Meeting) में लिए गए फैसलों का ऐलान कुछ देर बाद सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा करेंगे. सबसे ज्यादा नजर रेपो रेट को लेकर होने वाली घोषणा पर रहेगी, क्योंकि इसका सीधा असर आपके होम लोन या कार लोन की मंथली ईएमआई पर देखने को मिलेगा. तमाम एक्सपर्ट्स Repo Rate Hike का अनुमान जाहिर कर रहे हैं, अगर ऐसा होता है तो फिर Loan EMI का बोझ बढ़ जाएगा.
25 BPS बढ़ सकता है रेपो रेट!
आरबीआई की एमपीसी बैठक को लेकर आईं रिपोर्ट्स में तमाम एक्सपर्ट्स अनुमान जाहिर करते नजर आए हैं, कि इस बार रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25% यानी 25 बीपीएस की बढ़ोतरी कर सकता है. अगर आरबीआई महंगाई और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए रेपो रेट में ये अनुमानित इजाफा करता है, तो फिर Repo Rate 5.25% से बढ़ाकर 5.50% करता है. इसका सीधा असर आपके होम लोन की EMI और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रिटर्न पर देखने को मिलेगा. 
इससे पहले करीब 3.5 साल पहले 2023 में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की गई थी. इस साल 2026 में यह रिजर्व बैंक की चौथी एमपीसी बैठक है, जबकि इससे पहले अब तक हुईं तीन बैठकों में रेपो रेट को स्थिर रखा गया है. अप्रैल, जून और अगस्त में हुई बैठकों में रेपो रेट 5.25% पर यथावत है. 
क्यों Repo Rate बढ़ने की आशंका? 
यहां ये जान लेना जरूरी है, कि आखिर क्यों एक्सपर्ट्स इस बार रेपो रेट में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी की आशंका जाहिर कर रहे हैं. तो बता दें कि रिजर्व बैंक की एमपीसी बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वेस्ट एशिया युद्ध की टेंशन के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं और महंगाई का जोखिम बढ़ा रही हैं. 
Repo Rate होता क्या है? 
रेपो दर (Repo Rate) वह ब्याज दर है, जिस पर आरबीआई शॉर्ट टर्म के लिए बैंकों को कर्ज देता है. इसी दर के आधार पर बैंक अपने ग्राहकों को दिए जाने वाले लोन की ब्याज दरें तय करते हैं. RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक हर दो महीने में की जाती है. रेपो रेट में घट-बढ़ का सीधा असर लोन लेने वालों पर पड़ता है. 
इसके पीछे की वजह ये है कि अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना महंगा हो जाता है. ऐसे में बैंकों की ओर से इसका बोझ ग्राहकों पर डालने की उम्मीद बढ़ जाती है या लोन महंगा कर देते हैं. वहीं, रेपो रेट घटने पर लोन सस्ते होते हैं और EMI का बोझ कम हो जाता है. 
अगर 25 BPS बढ़ा रेपो रेट, तो क्या असर? 
एक्सपर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक, बुधवार को अगर आरबीआई रेपो रेट में 25 बीपीएस का इजाफा करने का ऐलान करता है, तो फिर इसका कितना बोझ लोन लेने वाले ग्राहकों पर देखने को मिलेगा. इसका कैलकुलेशन बेहद आसान है. मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 25 साल की अवधि के लिए 7.50% ब्याज दर पर ₹50 लाख का होम लोन लिया है और इस ब्याज दर के हिसाब से उसकी मंथली ईएमआई करीब 36,950 रुपये है.
अगर रेपो रेट में संभावित बढ़ोतरी के बाद इसे बढ़ाकर 7.75% कर दिया जाता है, जो EMI बढ़कर ₹37,766 मंथली हो जाएगी. यानी उसे हर महीने ₹817 ज्यादा चुकाने होंगे. यहां ध्यान रहे कि Repo Rate Hike के साथ ही तुरंत लोन ईएमआई घटती या बढ़ती नहीं है, बल्कि यह आपके बैंक की लोन ‘रीसेट डेट’ पर प्रभावी की जाती है. 
FD कराने वालों पर ये असर
एक ओर जहां रेपो रेट में बढ़ोतरी से होम लोन या कार लोन लेने वाले ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ सकती है, तो वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट कराने वालों को इससे फायदा हो सकता है. अगर रेपो रेट बढ़ता है तो फिर और फिर बैंक एफडी की ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी करते हैं, तो नए एफडी जमाकर्ताओं को अधिक ब्याज मिलेगा. हालांकि, Repo Rate Hike होगा या फिर केंद्रीय बैंक इसे फिर से स्थिर रखने का फैसला करेगा. इसका ऐलान सुबह 10 बजे होने वाला है. 
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News