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मुंबई मेट्रो में सफर करने वालों के लिए एक ऐसी चीज सामने आई है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं. यहां एक स्टेशन पर ‘टचलेस स्पिट बिन’ यानी बिना छुए इस्तेमाल होने वाला थूकदान (Spit Bin) लगाया गया है. मतलब अगर किसी यात्री को थूकना है तो उसके लिए एक खास जगह बनाई गई है. लेकिन इस स्पिट बिन की चर्चा इस लिए हो रही है क्योंकि मेट्रो के नियमों के मुताबिक परिसर में थूकने पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसी वजह से सोशल मीडिया पर इस स्पिट बिन को लेकर खूब चर्चा हो रही है.
आखिर ये स्पिट बिन है क्या?
मुंबई मेट्रो स्टेशन पर लगाया गया यह एक खास तरह का डिब्बा है, जिसे टचलेस स्पिट बिन कहा गया है. इसे इस्तेमाल करने के लिए डिब्बे को हाथ से छूने की जरूरत नहीं पड़ती. इस पर मराठी और अंग्रेजी में इसे इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके साथ लगे बोर्ड पर ‘Be responsible’ यानी ‘जिम्मेदार बनें’ लिखा हुआ है. इस सुविधा को इजी स्प्लिट नाम की कंपनी ने बनाया है, जो सार्वजनिक जगहों पर थूकने की समस्या से निपटने के लिए ऐसी चीजें तैयार करती है.
My Mumbai Metro
Now with dedicated Spitting Zones pic.twitter.com/o8l8sYcbAu
थूकने के लिए अलग जगह क्यों बनाई?
इसके पीछे सीधी सोच बताई जा रही है. सार्वजनिक जगहों पर लोग अक्सर इधर-उधर थूक देते हैं, जिससे स्टेशन और आसपास की जगह गंदी होती है. ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को थूकना ही है तो उसे एक तय जगह दी जाए, ताकि थूक स्टेशन की दीवार, फर्श या दूसरी जगहों पर न फैले. इस स्पिट बिन को लेकर दावा किया गया है कि यह थूक को एक बंद जगह में रखता है और यूनिट पर लिखा है कि यह वायरस को 10 सेकंड में लॉक कर देता है.
लेकिन फिर 500 रुपये का जुर्माना क्यों?
यही सवाल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है. मुंबई मेट्रो के नियमों में स्टेशन परिसर में थूकने पर जुर्माने का प्रावधान है. रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे में लोगों को समझ नहीं आ रहा कि एक तरफ थूकने पर जुर्माना है और दूसरी तरफ थूकने के लिए अलग डिब्बा क्यों लगाया गया है. हालांकि, स्पिट बिन को लेकर सामने आई जानकारी का मकसद सार्वजनिक जगहों पर जहां-तहां थूकने की समस्या को कम करना बताया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?
इस स्पिट बिन की तस्वीर एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की. उन्होंने मजाकिया अंदाज में इसे मुंबई मेट्रो का ‘डेडिकेटेड स्पिटिंग जोन’ बताया. इसके बाद तस्वीर तेजी से चर्चा में आ गई. कुछ लोगों ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर थूकना ही नहीं चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने सवाल किया कि जब मेट्रो में थूकने पर जुर्माना है तो फिर ऐसी सुविधा की जरूरत क्यों पड़ी. एक यूजर ने तो यहां तक टिप्पणी कर दी कि लोगों को थूकने की सुविधा देने के बजाय पान मसाला पर रोक लगाने की जरूरत है.
‘थूकें भी और जुर्माना भी?’
यही वजह है कि यह मामला सोशल मीडिया पर लोगों के लिए चर्चा और मजाक का विषय बन गया है. एक तरफ मेट्रो साफ-सफाई बनाए रखने के लिए यात्रियों से सार्वजनिक जगहों पर न थूकने की अपील करती है और नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान है. दूसरी तरफ स्टेशन पर ऐसा डिब्बा लगाया गया है, जिसे थूकने के लिए बनाया गया है. फिलहाल यह स्पिट बिन लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बन गया है. असली सवाल यही है कि क्या ऐसी सुविधा लोगों को इधर-उधर थूकने से रोक पाएगी या फिर यह सिर्फ एक अनोखा प्रयोग बनकर रह जाएगी?
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