पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य होने और एयरस्पेस खुलने के बाद एअर इंडिया जून से अगस्त के बीच अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने की योजना बना रही है। …और पढ़ें
पश्चिम एशिया में हालात सुधरने से उड़ानें बढ़ेंगी।
जून से अगस्त के बीच कटौती वापस लेने की योजना।
जेट ईंधन सस्ता होने से परिचालन लागत घटेगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और खाड़ी देशों के एयरस्पेस धीरे-धीरे खुलने के बीच एअर इंडिया ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने के संकेत दिए हैं। एयरलाइन का कहना है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो जून से अगस्त के बीच अमेरिका और यूरोप के लिए की गई उड़ानों में कटौती वापस ली जा सकती है।
एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान कई देशों के एयरस्पेस बंद होने से लंबा रूट अपनाना पड़ा था। इससे उड़ानों का समय बढ़ा और आपरेशन लागत तथा टिकट कीमतों पर भी असर पड़ा।
अब हालात में सुधार और जेट ईंधन की कीमतों में आई गिरावट से कंपनी को राहत मिली है।उन्होंने बताया कि एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में की गई कटौती की समीक्षा कर रही है। संकटकाल के दौरान हर महीने पांच महाद्वीपों के लिए करीब 1,200 उड़ानों का आपरेशन निर्धारित था।
विल्सन ने यह भी बताया कि जल्द ही एअर इंडिया के बेड़े में आठ नए या पूरी तरह रिफर्बिश्ड विमान शामिल होंगे, जिससे परिचालन क्षमता और मजबूत होगी।