भारत और सिंगापुर ने चौथे मंत्रिस्तरीय गोलमेज में दूरसंचार, खाद्य सुरक्षा और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते किए।
भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज (फोटो-पीटीआई)
दूरसंचार, खाद्य सुरक्षा, समुद्री क्षेत्रों में समझौते हुए।
सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा पर भी चर्चा की गई।
चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज का आयोजन।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और सिंगापुर ने गुरुवार को चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज (आइएसएमआर) के दौरान दूरसंचार एवं प्रसारण, खाद्य सुरक्षा तथा समुद्री क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों के बीच दो समझौते (एमओयू) और एक आशय पत्र (एलओआइ) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो मध्यावधि से लेकर दीर्घावधि में सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी संबंधों को प्रगाढ़ करेंगे।
सिंगापुर में हुई इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हिस्सा लिया।
सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपप्रधानमंत्री एवं व्यापार-उद्योग मंत्री गैन किम योंग ने किया। इसमें समन्वय मंत्री (राष्ट्रीय सुरक्षा) एवं गृह मंत्री के. शनमुगम, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री जोसेफिन तियो तथा परिवहन मंत्री जेफ्री सियाओ भी शामिल थे।
चौथे आइएसएमआर में उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता समेत छह प्रमुख स्तंभों पर प्रगति की समीक्षा की गई तथा सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भविष्योन्मुखी और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक के बारे में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर बताया कि आज सिंगापुर में हमारी चर्चाओं में उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, कनेक्टिविटी, डिजिटल, फिनटेक, कौशल विकास, हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में गहरे संबंधों की संभावनाएं तलाशी गईं। इस समकालीन और भविष्योनमुखी साझेदारी को आकार देना वास्तव में एक साझा प्रयास है।
जयशंकर ने सिंगापुर के पीएम लारेंस वोंग से भी मुलाकात की और भारत-सिंगापुर संबंधों के विभिन्न आयामों को लेकर प्रगति पर चर्चा की।
सिंगापुर फूड एजेंसी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) के बीच एमओयू खाद्य सुरक्षा में तकनीकी सहयोग बढ़ाने तथा कृषि-खाद्य व्यापार को सुगम बनाने के लिए है।
समुद्री विरासत पर सिंगापुर के संस्कृति, समुदाय एवं युवा मंत्रालय और भारत के बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के बीच एमओयू सूचना एवं प्रशिक्षण आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
दूरसंचार एवं प्रसारण पर आशय पत्र उपभोक्ता संरक्षण और प्रसारण नियमों सहित अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा। बैठक के बाद गैन किम योंग ने चर्चाओं को उपयोगी और उत्पादक बताया।
सेमीकंडक्टर विनिर्माण, कौशल उन्नयन, हवाई कनेक्टिविटी, पे-नाऊ (सिंगापुर की डिजिटल भुगतान प्रणाली) और यूपीआइ (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के बीच सहयोग, प्रोजेक्ट नेक्सस, स्टाक एक्सचेंज सहयोग, स्थिरता, अंतरिक्ष और परमाणु प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाओं पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने दोनों देशों के व्यावसायिक प्रतिनिधियों से भी बातचीत की।
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