नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने कहा कि क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल कर अदालत किसी वैधानिक प्राधिकरण को संपत्तियों का मूल्यांकन करने या संपत्ति कर निर्धारित करने के लिए कोई खास पद्धति अपनाने का निर्देश नहीं दे सकती। ऐसी पद्धति तय करना संबंधित वैधानिक और प्रशासनिक प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति शैल जैन की खंडपीठ ने खान मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। एसोसिएशन ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद को संपत्तियों के मूल्यांकन योग्य मूल्य तय करने के लिए एक समान पद्धति तैयार करने व उसे लागू करने का निर्देश देने की मांग की थी।
शॉर्ट बायो : हेमलता कौशिक पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ में दिल्ली हाई कोर्ट से संबंधित खबरें करती हैं।
परिचय एवं अनुभव
हेमलता कौशिक को पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कोर्ट रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कई ब्रेकिंग खबरें की हैं।
करियर का सफर (प्रिंट पत्रकारिता)
एचटी में उन्हें कार्य करते हुए 17 वर्ष हो गए हैं। एक वर्ष उन्होंने पंजाब केसरी में कार्य किया है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन(बीजेएमसी), एम ए राजनीति शास्त्र, कानून स्नात्तक (एलएलबी)।
विशेषज्ञता
कानूनी मामले (अदालत की रिपोर्टिंग), उपभोक्ता अधिकार संबंधी मामले, केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण(कैट नौकरी संबंधी प्रशासनिक आदेश), दिल्ली महिला आयोग के माध्यम से महिलाओं के हक की लड़ाई व मानवीय पहलु से संबंधित ज्वलंत मुद्दों पर विशेष दृष्टि, दिल्ली सरकार के मध्यस्थता केन्द्र में पारिवारिक विवादों व उनसे परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर आधारित मामलों पर विशेष ध्यान। किशोर न्याय बोर्ड में नाबालिगों के आने वाले मामलों पर उनकी मनोस्थिति व बदलती धारणा पर नजर बनाए रखना।
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