'खुद को जूता मारना चाहता हूं?' 62 साल पहले इस गाने को सुनते ही पछताने लगे थे डायरेक्टर, मनोज कुमार ने जैसे-तै – India.Com

फिल्म वो कौन थी का सुपरहिट गाना लग जा गले को रिलीज़ हुए भले ही 62 साल का वक्त हो गया हो. लेकिन इस गाने की धुन आज भी पसंद की जाती है. शायद ही आपको पता हो कि लता मंगेशकर के गाए इस गाने को पहले रिजेक्ट कर दिया गया था. फिर किसी तरह से मनोज कुमार ने राज खोसला को इस गाने के लिए मनाया और फिल्म में शामिल करवाया. स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि उन्होंने संगीतकार मदन मोहन से अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी थी. हालांकि, अभिनेता मनोज कुमार की पहल ने पूरा मामला बदल दिया और ये गीत फिल्म का हिस्सा बन सका.

9 जून को निर्देशक राज खोसला की पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उनके जीवन से जुड़े दिलचस्प किस्से के बारे में हम आपको बताते हैं. राज खोसला हिंदी सिनेमा के उन सफल निर्देशकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने रहस्य, रोमांस और सस्पेंस से भरपूर कई यादगार फिल्में दीं. उनकी फिल्मों की खासियत मजबूत कहानी और दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से बांधे रखने वाली प्रस्तुति होती थी.

Raj Khosla (photo credit-agency)
31 मई 1925 को पंजाब में जन्मे राज खोसला ने अपने करियर में कई सफल फिल्मों का निर्देशन किया. अभिनेत्री साधना के साथ उनकी जोड़ी खासतौर पर लोकप्रिय रही. ‘वो कौन थी’, ‘मेरा साया’ और ‘अनीता’ जैसी फिल्मों को आज भी हिंदी सिनेमा की बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर में गिना जाता है.

साल 1964 में रिलीज हुई ‘वो कौन थी’ में साधना और मनोज कुमार मुख्य भूमिका में थे. फिल्म का संगीत प्रसिद्ध संगीतकार मदन मोहन ने तैयार किया था. इसी फिल्म में ‘लग जा गले’ गीत शामिल था, जिसे महान गायिका लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी. प्रेम, भावनाओं और मधुर संगीत वाले गाने को लेकर मजेदार किस्सा है.
मदन मोहन के बेटे समीर कोहली ने एक इंटरव्यू में इस गीत से जुड़ा रोचक किस्सा सुनाया था. उनके अनुसार, जब मदन मोहन ने पहली बार ‘लग जा गले’ की धुन तैयार कर राज खोसला को सुनाई, तो निर्देशक प्रभावित नहीं हुए. उन्होंने धुन सुनने के बाद मदन मोहन से कहा कि उन्हें उनसे इस तरह के संगीत की उम्मीद नहीं थी. राज खोसला को लगा कि यह धुन फिल्म की जरूरत के मुताबिक प्रभावशाली नहीं है.
मदन मोहन को अपनी रचना पर पूरा भरोसा था. उनका मानना था कि यह धुन बेहद खास है और दर्शकों के दिलों तक जरूर पहुंचेगी. इसी बीच एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें फिल्म से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद थे. अभिनेता मनोज कुमार ने राज खोसला से आग्रह किया कि वे इस धुन को एक बार फिर ध्यान से सुनें.
जब मदन मोहन ने दोबारा यह धुन गाकर सुनाई, तो माहौल पूरी तरह बदल गया. इस बार राज खोसला ने गीत की भावनात्मक गहराई और उसकी खूबसूरती को महसूस किया. धुन खत्म होते ही उन्हें अपनी पहली प्रतिक्रिया पर अफसोस हुआ. बताया जाता है कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका मन कर रहा है कि वह अपना जूता उठाकर खुद को मारें, क्योंकि उन्होंने इतनी शानदार धुन को खारिज कर दिया था.
बाद में मनोज कुमार भी गर्व के साथ बताते थे कि इस गीत को फिल्म में बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. समय ने साबित कर दिया कि यह फैसला कितना सही था. ‘लग जा गले’ आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद है और भारतीय फिल्म संगीत के सबसे यादगार गीतों में शुमार किया जाता है.
(इनपुट एजेंसी)
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Entertainment Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
पत्रकारिता में 20 साल से अधिक का अनुभव. 2001 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से M.A किया. फिर भारतीय विद्या भवन के फिल्म एंड टीवी … और पढ़ें
Subscribe to Our Newsletter Today!
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
© 1998-2026 INDIADOTCOM DIGITAL PRIVATE LIMITED, ALL RIGHTS RESERVED

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News