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MP News: बालाघाट में एक गांव के पास दो दिन पहले एक किसान को मारने वाले बाघ को 100 से अधिक कर्मियों की मदद से 10 घंटे तक चले अभियान के बाद आखिरकार पकड़ लिया गया. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ को बाद में राज्य के नर्मदापुरम जिले के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) भेज दिया गया.
बाघ को एसटीआर के चूर्णा वन क्षेत्र में रखा जाएगा, जहां उसके आक्रामक व्यवहार का कारण पता लगाने के लिए उसकी जांच की जाएगी. शनिवार की सुबह बाघ ने बालाघाट जिले के एक गांव के पास एक किसान को मार डाला और आसपास के इलाकों में लगातार उसकी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत और गुस्सा फैल गया.
बता दें कि पीड़ित प्रकाश पाने अपने खेत पर काम कर रहा था, जब सुबह करीब 5 बजे बाघ ने उस पर हमला कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर कुंडवा गांव के आसपास घूम रहा था, जहां उसने किसान को मार डाला.
सोमवार को वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए अभियान चलाया और 10 घंटे की मशक्कत के बाद जंगली जानवर को पकड़ लिया. पूरे अभियान के दौरान स्थानीय विधायक गौरव पारधी मौजूद रहे.
बचाव अभियान में मुख्य वन संरक्षक (CCF) गौरव चौधरी, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) अधर गुप्ता, अन्य वन और पुलिस अधिकारियों सहित 100 से अधिक कर्मी शामिल थे.
सीसीएफ चौधरी ने बताया कि बाघ को सबसे पहले सुबह एक जलधारा के पास देखा गया था, लेकिन वहां रेस्क्यू संभव नहीं था. इसलिए उन्होंने बाघ के खेतों की ओर बढ़ने का इंतजार किया और जब वह आगे बढ़ा, तो कान्हा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव पशु चिकित्सक संदीप अग्रवाल ने बाघ को बेहोश कर दिया.
CCF चौधरी ने बताया कि धारीदार जानवर को पेंच नेशनल पार्क से बचाव वाहनों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और सतपुड़ा रिजर्व ले जाया गया.
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