Feedback
29 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में भीषण आग लग गई. आग 9वीं मंजिल से शुरू होकर 13वीं मंजिल तक तेजी से फैल गई. ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य जारी है. अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है. इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज बिल्डिंगों में आग लगने और तेजी से फैलने के खतरे को सामने ला दिया है.
यह भी पढ़ें: भारत गर्मी से जूझ रहा, चीन बाढ़ से… क्विंगझाऊ-ग्वागंशी में सड़कें-गाड़ियां डूबीं, मौसम में इतना अंतर कैसे
हाई-राइज बिल्डिंग में आग क्यों लगती है?
हाई-राइज बिल्डिंग में आग लगने के कई सामान्य कारण होते हैं. सबसे आम कारण हैं शॉर्ट सर्किट, गैस लीकेज, रसोई में अनदेखी, सिगरेट का गलत तरीके से फेंकना या इलेक्ट्रिकल उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल. कई बार निर्माण के दौरान इस्तेमाल की गई खराब वायरिंग या पुरानी इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी आग का कारण बन जाती है.
इसके अलावा, बिल्डिंग के बाहर लगे कम्बस्टीबल क्लैडिंग (आग पकड़ने वाली बाहरी परत) या इंसुलेशन मैटेरियल भी छोटी आग को बड़ा बना देते हैं. गौर ग्रीन एवेन्यू जैसी घटनाओं में अक्सर सटीक कारण बाद में पता चलता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में मानवीय लापरवाही या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट मुख्य वजह होती है.
आग इतनी तेजी से क्यों फैलती है?
हाई-राइज बिल्डिंग में आग तेजी से फैलने का सबसे बड़ा कारण इनकी ऊंची और खड़ी संरचना है. आग लगने पर गर्म हवा और धुआं ऊपर की तरफ उठता है, जिसे स्टैक इफेक्ट (Stack Effect) कहते हैं. लिफ्ट शाफ्ट, सीढ़ियों के रास्ते और एसी की डक्ट्स चिमनी की तरह काम करते हैं. धुएं को तेजी से ऊपरी मंजिलों पर ले जाते हैं.
आधुनिक बिल्डिंगों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, फर्नीचर, पेंट, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और सिंथेटिक मटेरियल बहुत तेजी से जलते हैं. जहरीला धुआं छोड़ते हैं. अगर बिल्डिंग के बाहर कम्बस्टीबल क्लैडिंग लगी हो तो आग खिड़कियों से बाहर निकलकर ऊपर की मंजिलों पर भी फैल जाती है.
हवा का तेज बहाव भी लपटों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर पहुंचाने में मदद करता है. यही वजह है कि 9वीं मंजिल की आग कुछ ही मिनटों में 13वीं मंजिल तक पहुंच जाती है.
यह भी पढ़ें: पानी के लिए पहले दो परिवार लड़े, फिर पूरा इलाका, आखिर में सेना को उतरना पड़ा… 42 मौतों से दहल उठा ये देश
आग फैलने के पीछे का साइंस क्या है?
आग तीन चीजों से जलती है – हीट (गर्मी), फ्यूल (ईंधन) और ऑक्सीजन. इन्हें फायर ट्राएंगल कहते हैं. जब ये तीनों चीजें साथ होती हैं तो आग शुरू होती है. आग फैलने के मुख्य तरीके हैं…
हाई-राइज में स्टैक इफेक्ट के कारण कन्वेक्शन बहुत तेज होता है. प्लास्टिक और सिंथेटिक मैटेरियल जलकर पिघलते हैं. टपकते हैं. फिर से आग पकड़ लेते हैं, जिससे आग और तेज फैलती है. एक मिनट में आग का आकार दोगुना हो सकता है अगर स्थिति अनियंत्रित रही.
ऐसे में बचाव का रास्ता और तरीके क्या हैं?
हाई-राइज बिल्डिंग में आग लगने पर घबराना सबसे बड़ी गलती है. सबसे पहले शांत रहें और फायर अलार्म सुनते ही तुरंत एक्शन लें.
यह भी पढ़ें: गर्मी की प्रचंडता से ज्यादा चर्चा में है तीव्रता… इतनी तेज क्यों आई, क्या इसका पेड़ों के डेटा से कनेक्शन है?
गौर ग्रीन एवेन्यू जैसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि हाई-राइज बिल्डिंग में रहने वालों को फायर सेफ्टी का खास ध्यान रखना चाहिए. बिल्डिंग मैनेजमेंट को नियमित फायर ड्रिल करानी चाहिए, इलेक्ट्रिकल सिस्टम चेक कराना चाहिए और कम्बस्टीबल मटेरियल से बचना चाहिए.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू