गुजरात के पंचमहाल जिले में प्रसिद्ध तीर्थस्थल पावागढ़ में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य के फंसे होने क …और पढ़ें
भूस्खलन के बाद फंसे लोग।
पावागढ़ में भारी बारिश से भूस्खलन, दो श्रद्धालुओं की मौत।
सुबह 5 बजे हुआ हादसा, कई श्रद्धालु फंसे।
प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर बचाव अभियान जारी।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात के पंचमहाल जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल ‘पावागढ़’ की पहाड़ियों पर शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी पर भूस्खलन हो गया, जिससे बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नीचे गिर पड़े। इस मलबे की चपेट में आने से कई श्रद्धालु दब गए, जिनमें से अब तक दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस घटना के बाद से भक्तों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
कब और कहां हुआ हादसा?
बता दें कि यह हादसा सुबह करीब 5:00 बजे हुआ, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता जी के दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ रहे थे। पहाड़ी के रास्ते में पड़ने वाले ‘पाटियापुल’ के पास अचानक ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी नीचे गिरने लगे।
लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से मिट्टी पूरी तरह गीली और ढीली हो चुकी थी, जिसके कारण पत्थरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि नीचे से गुजर रहे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पहाड़ी से गिरे भारी पत्थरों की चपेट में कई श्रद्धालु आ गए। प्रशासन ने अब तक दो यात्रियों के शव बाहर निकाले हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ और लोग भी अभी पत्थरों के नीचे दबे हो सकते हैं। मलबे की चपेट में आए घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पावागढ़ पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रोप-वे की टेक्निकल टीम को भी राहत काम में लगाया गया है। प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुटी हुई हैं।
भारी बारिश के कारण पावागढ़ की पहाड़ियों पर भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तेज बारिश के दौरान पहाड़ी पर चढ़ने से बचें और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।