हैदराबाद में कमिश्नर की टास्क फोर्स ने बड़े पैमाने पर नकली और मिलावटी पनीर का भंडाफोड़ किया, जिसमें 825 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया गया। यह नकली …और पढ़ें
हैदराबाद डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) वैभव गायकवाड़ रघुनाथ।
हैदराबाद में 825 किलो नकली और मिलावटी पनीर जब्त किया गया।
‘चीज एनालॉग’ को असली पनीर बताकर ग्राहकों को बेचा जा रहा था।
फैक्ट्रियां बिना FSSAI लाइसेंस और साफ-सफाई के चल रही थीं।
डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। अगर आप बाजार से पनीर खरीदने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हैदराबाद कमिश्नर की टास्क फोर्स ने शहर में बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे नकली और मिलावटी पनीर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने विशेष छापेमारी के दौरान करीब 825 किलोग्राम संदिग्ध और मिलावटी पनीर जब्त किया है।
कैसे पकड़ा गया यह फर्जीवाड़ा?
विशेष पुलिस टीमों ने शहर की करीब 45 रिटेल दुकानों और 8 पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों की जांच की। इस दौरान पता चला कि कई दुकानदार ‘चीज एनालॉग’ को असली पनीर बताकर ग्राहकों को बेच रहे थे और उन्हें धोखा दे रहे थे।
बता दें कि ‘चीज एनालॉग’ कोई असली डेयरी प्रोडक्ट नहीं है। इसे दूध के बजाय वनस्पति फैट , स्टार्च (अरा रोट), घटिया या सिंथेटिक दूध और बिना दूध वाली चीजों से मिलाकर बनाया जाता है। इस नकली चीज को बाजार में पनीर, मलाई पनीर, मिल्क पनीर और फ्रेश पनीर जैसे बड़े-बड़े लेबलों के साथ बेचा जा रहा था।
पकड़े गए ज्यादातर पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग डेट , बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और जरूरी नियम गायब थे।
ज्यादा मुनाफे के लिए दूसरे राज्यों से खेल
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) वैभव गायकवाड़ रघुनाथ ने बताया कि कुछ कारोबारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के निर्माताओं से यह नकली पनीर सस्ते में खरीदते थे और हैदराबाद में इसे असली पनीर के भाव बेचते थे। इतना ही नहीं, बिना किसी वैध लाइसेंस के इस माल को थोक में खरीदकर “प्रीमियम पनीर” के नाम से दोबारा पैक किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि फैक्ट्रियों में साफ-सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा था। कई फैक्ट्रियां बिना FSSAI (खाद्य सुरक्षा लाइसेंस) के चल रही थीं। पनीर को भारी बनाने के लिए उसमें भारी मात्रा में स्टार्च, जरूरत से ज्यादा पानी और गैर-खाद्य पदार्थ मिलाए जा रहे थे। डीसीपी ने चेतावनी दी कि इससे फूड पॉइजनिंग और गंभीर एलर्जी जैसी बीमारियां हो सकती हैं और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए पनीर के सैंपल लैब टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं और आने वाले दिनों में यह छापेमारी जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों को सलाह दी है कि पनीर हमेशा लाइसेंस वाले दुकानदारों से ही खरीदें। पैकेट पर लिखे लेबल, कंपनी का नाम और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। खुले में मिलने वाले या बिना लेबल वाले पनीर को खरीदने से बचें। अगर कहीं भी मिलावट का शक हो, तो तुरंत इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से करें।