सिटी रिपोर्टर | बोकारो
बोकारो जिले के चीराचास स्थित मां करुणानन्दोमयी मंदिर प्रांगण में आयोजित पंच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में तृतीय दिवस रथ यात्रा के अवसर पर अयोध्या से पधारे श्रीराम कथा वाचक एवं सत्यम पीठाधीश्वर नरहरि दास महाराज ने श्रद्धालुओं को श्री सुभद्रा, बलभद्र एवं भगवान जगन्नाथ की महिमा का वर्णन करते हुए श्री सीता-राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण श्रवण कराया। महाराज ने भारतीय संस्कृति, गुरु परंपरा और वैवाहिक संस्कारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन परंपरा के अनुसार कन्यादान के बाद वर-वधू गुरुदेव की आज्ञा मिलने तक एक ही आसन पर नहीं बैठते। स्वयं भगवान भी गुरु की आज्ञा का पालन करते हैं। समाज यदि अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को समझते हुए आधुनिकता को अपनाएं, तो उसका स्वरूप और भी श्रेष्ठ एवं प्रेरणादायी होगा। कथा से पूर्व भगवान जगन्नाथ के भजन जगन्नाथ के भरोसे नैया पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे। भजन, नृत्य और कीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
अनुष्ठान के दौरान काशी से पधारे यज्ञाचार्य त्रिवेणी पाण्डेय के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिदिन हवन संपन्न कराया जा रहा है। यजमानों ने यज्ञ में आहुति दी, जबकि हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता निभाई। वहीं, काशी से आए मानस भास्कर विद्यासागर के नेतृत्व में ओम प्रकाश पाण्डेय, अशोक तिवारी, हरिशंकर चौबे, मुकेश तिवारी सहित अन्य विद्वान ब्राह्मणों द्वारा श्रीरामचरितमानस का पारायण किया जा रहा है, जिससे पूरे चीराचास क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। आशियां जागृति एवं सेवा ट्रस्ट के परमानन्द सिन्हा ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम की सफलता में बीजीके सिंह, शिवानन्द सिन्हा, अमित कुमार चौबे, मनोज मिश्रा, मनोज सिन्हा, डीके पाण्डेय, आरके सिंह, राणा रमेश, प्रवीर सिन्हा, शाश्वत प्रतीक, सृजन श्रेय, परमहंस तिवारी, बिट्टू मंडल, सुरेन्द्र मंडल, राजबली चौधरी, कुणाल किशोर, उत्तम मंडल आदि सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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