चीन की उड़ी नींद! अमेरिका ने ताइवान भेजा इस घातक हथियार की पहली खेप, जानें इसकी खासियत – Bharat24live

Shubham Raja
Date: 02-10-26 16:41
Taiwan F-16V Delivery: ताइवान को अमेरिका से मिले नए F-16V Block 70 लड़ाकू विमानों की पहली खेप पहुंच गई है. शुक्रवार को 66 विमानों के ऑर्डर में से दो विमान ताइवान पहुंचे. दोनों विमान हवाई और गुआम के रास्ते ताइवान के ताइतुंग स्थित चिहहांग एयर बेस पहुंचे. यह डिलीवरी 2019 में मंजूर हुए करीब 8 अरब डॉलर के रक्षा सौदे का हिस्सा है. तकनीकी और उत्पादन से जुड़ी दिक्कतों के कारण इन विमानों की डिलीवरी में देरी हुई थी.
यह डिलीवरी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 1997 के बाद ताइवान को विदेश से नए लड़ाकू विमान मिलने का यह पहला मौका है. पूरे 66 विमान मिलने के बाद ताइवान के पास F-16 लड़ाकू विमानों की संख्या 200 से ज्यादा हो जाएगी. ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने भी कहा है कि आने वाले समय में और F-16V विमान पहुंचेंगे.
चीन के साथ तनाव के बीच मिली डिलीवरी
ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार जारी रहती हैं. चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है, जबकि ताइवान की सरकार अपने लोकतांत्रिक शासन को बनाए रखने पर जोर देती है. ऐसे समय में नए F-16V विमानों का पहुंचना ताइवान की हवाई रक्षा क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने भी विमानों के पहुंचने को हवाई रक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया और अमेरिका के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
F-16V Block 70 में क्या खास है?
F-16V Block 70, F-16 लड़ाकू विमान का आधुनिक वर्जन है. इसमें बेहतर एवियोनिक्स, रडार और हथियार सिस्टम दिए गए हैं. इन अपग्रेड के कारण यह विमान पुराने F-16 विमानों के मुकाबले ज्यादा आधुनिक क्षमताओं के साथ काम कर सकता है. नए विमान ताइवान को चीन की वायुसेना की निगरानी और उससे निपटने की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
अमेरिका ने 2019 में ताइवान के लिए 66 F-16V विमानों की करीब 8 अरब डॉलर की बिक्री को मंजूरी दी थी. डिलीवरी पहले शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों, जिसमें सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याएं भी शामिल थीं, के कारण इसमें देरी हुई.
अमेरिका-ताइवान रक्षा सहयोग भी अहम
अमेरिका और ताइवान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन अमेरिका लंबे समय से ताइवान को हथियार उपलब्ध कराता रहा है. अमेरिकी कानून के तहत ताइवान को अपनी रक्षा के लिए जरूरी साधन उपलब्ध कराने की नीति जारी है. चीन अमेरिका की ओर से ताइवान को हथियार देने का लगातार विरोध करता रहा है.
F-16V की पहली खेप ऐसे समय पहुंची है जब ताइवान और अमेरिका के बीच हथियारों की डिलीवरी को लेकर देरी का मुद्दा चर्चा में रहा है. ताइवान को उम्मीद है कि बाकी विमान भी आगे मिलेंगे और इससे उसकी वायुसेना की क्षमता में और इजाफा होगा.
आगे क्या होगा?
अभी ताइवान को 66 में से सिर्फ दो नए F-16V विमान मिले हैं. बाकी विमानों की डिलीवरी आने वाले समय में होगी. ताइवान को इन विमानों के संचालन के लिए पायलट ट्रेनिंग, रखरखाव और जरूरी स्पेयर पार्ट्स की भी जरूरत होगी.
इन नए विमानों के आने से ताइवान की हवाई रक्षा व्यवस्था में आधुनिक लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ेगी. वहीं, चीन की सैन्य गतिविधियों और अमेरिका-ताइवान रक्षा सहयोग को लेकर क्षेत्रीय तनाव के बीच इन विमानों की डिलीवरी को इंडो-पैसिफिक सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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