चीन की दादागिरी पर फिलीपींस का आक्रामक प्लान! पूर्व SC जज बोले- BrahMos खरीदो, तभी रुकेगा बीजिंग का साउथ चाइना सी का खेल – Zee News

India Philippines Brahmos Missile:  सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एंटोनियो कार्पियो ने सेना को सुझाव दिया है. वह ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम की संख्या बढ़ाए. क्यूजोन सिटी में हुए AFP लीडरशिप समिट 2025 में उन्होंने कहा कि स्कारबोरो शोल पर चीन वही तरीका अपना रहा है. जो उसने पहले फियरी क्रॉस रीफ और मिचीफ रीफ पर अपनाया था. पहले छोटे ढांचे खड़े करना और फिर धीरे-धीरे उन्हें सैन्य ठिकानों में बदल देना.
वेस्ट फिलीपीन सी में चीन की बढ़ती दखलअंदाजी को लेकर फिलीपींस में चिंता बढ़ गई है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एंटोनियो कार्पियो ने सेना को सुझाव दिया है. वह ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम की संख्या बढ़ाए. क्यूजोन सिटी में हुए AFP लीडरशिप समिट 2025 में उन्होंने कहा कि स्कारबोरो शोल पर चीन वही तरीका अपना रहा है. जो उसने पहले फियरी क्रॉस रीफ और मिचीफ रीफ पर अपनाया था. पहले छोटे ढांचे खड़े करना और फिर धीरे-धीरे उन्हें सैन्य ठिकानों में बदल देना.
असरदार हथियार साबित हो सकता है
कार्पियो ने कहा कि ब्रह्मोस फिलीपींस के लिए असरदार हथियार साबित हो सकता है. क्योंकि यह सुपरसोनिक मिसाइल काफी मोबाइल है. छिपे हुए इलाकों से लॉन्च की जा सकती है. उन्होंने कहा कि अगर किसी भी वक्त जवाबी हमला करने की क्षमता आपके पास हो और सामने वाला ऐसा न कर पाए. तो रणनीतिक बढ़त हमेशा आपकी रहती है. ब्रह्मोस की रेंज 290 किलोमीटर तक जाती है. यह Mach 3 की स्पीड से चलती है. जो इसे चीन के जहाजों को रोकने के लिए मजबूत विकल्प बनाती है.
375 मिलियन डॉलर की डील साइन
फिलीपींस ने जनवरी 2022 में भारत की ब्रह्मोस एयरोस्पेस से 375 मिलियन डॉलर की डील साइन की थी. इसके तहत तीन शोर-बेस्ड बैटरियां खरीदी गईं. देश ने 2024 और 2025 में इनकी पहली डिलीवरी ले ली थी. नवंबर 2025 में पहली ब्रह्मोस बैटरी को फिलीपींस मरीन कॉर्प्स में शामिल किया गया. इसे वेस्टर्न लूजोन के जांबालेस में तैनात किया गया है. जो स्कारबोरो शोल से करीब 250 किलोमीटर दूर है. हर बैटरी में दो मोबाइल लॉन्चर, रडार सिस्टम और कमांड-एंड-कंट्रोल यूनिट शामिल है. जो जरूरत पड़ने पर कई खतरों को एक साथ टारगेट करने की क्षमता देता है.
सेना और मिसाइल सिस्टम खरीदने का प्लान
27 नवंबर को फिलीपींस नेवी की ओर से भी पुष्टि की गई. सेना और मिसाइल सिस्टम खरीदने का प्लान बना रही है. राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर अगस्त 2025 में ही संकेत दे चुके हैं. ब्रह्मोस की संख्या भविष्य में और बढ़ाई जाएगी. अमेरिका के साथ मिलकर EDCA के तहत जो प्लेटफॉर्म मिल रहे हैं. उनसे इन सिस्टम का इंटीग्रेशन भी आसान होगा.
लीगल वॉरफेयर का इस्तेमाल बढ़ा रहा
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है. जब चीन दक्षिण चीन सागर में मनोवैज्ञानिक, मीडिया और लीगल वॉरफेयर का इस्तेमाल बढ़ा रहा है. स्कारबोरो शोल लगातार तनाव का केंद्र बना हुआ है. यहां फिलीपीन जहाजों को चीनी कोस्ट गार्ड की वॉटर कैनन और ब्लॉकिंग टैक्टिक्स का सामना करना पड़ता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर फिलीपींस के पास ज्यादा ब्रह्मोस यूनिट होंगी. वह चीन की बढ़ती आक्रामकता का बेहतर जवाब दे सकेगा.
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सचेंद्र सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ‘संगम नगरी’ प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है. पढ़ने और लिखने में इनकी ऐसी रूचि रही कि इन्होंने पत्रकारिता जगत से जुड़कर अपना करियर बनाने की ठान ली. फिलहाल सचेंद्र ज़ी मीडिया समूह से जुड़कर ‘ज़ी भारत : ZEE Bharat’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपना योगदान दे रहे हैं. …और पढ़ें
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