पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना ज़िले की फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को फिर से वोटिंग होगी.
रौनक भैड़ा
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चीन ने कहा है कि वह ईरानी तेल खरीदने वाली पांच कंपनियों पर लगाई गई अमेरिकी पाबंदियों को नहीं मानेगा.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा, "ये पाबंदियां अन्य देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक कामकाज करने से चीनी कंपनियों को रोकती हैं. अंतरराष्ट्रीय क़ानून और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं."
मंत्रालय ने कहा कि वह अमेरिकी पाबंदियों को मान्यता नहीं देता और चीनी कंपनियों व संस्थानों को इन्हें लागू नहीं करना चाहिए.
मंत्रालय ने आगे कहा, "चीनी सरकार हमेशा उन एकतरफ़ा पाबंदियों का विरोध करती है जो संयुक्त राष्ट्र की मंज़ूरी के बिना और अंतरराष्ट्रीय क़ानून पर आधारित नहीं होतीं."
कल ही अमेरिका ने एक और चीनी कंपनी पर पाबंदी लगाई थी. अमेरिका ने कहा था कि चीनी कंपनी ने "लाखों बैरल" ईरानी कच्चा तेल आयात किया और ईरान के लिए अरबों डॉलर की आमदनी जुटाई.
हालांकि, चीन के वाणिज्य मंत्रालय के बयान में उस कंपनी का नाम नहीं बताया गया है.
गौरतलब है कि अमेरिका की ओर से ये पाबंदियां ऐसे समय में सामने आई हैं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी महीने चीन की यात्रा पर जाएंगे और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात करेंगे.
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पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना ज़िले की फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को फिर से वोटिंग होगी.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, चुनाव आयोग की ओर से फिर से मतदान का आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि 29 अप्रैल को हुए मतदान में 'गंभीर चुनावी गड़बड़ियां और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बिगाड़ने की घटनाएं' सामने आई थीं.
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उसने मुख्य चुनाव अधिकारी, ज़िला चुनाव अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी और अन्य अधिकारियों की रिपोर्टों को ध्यान से देखा. साथ ही पर्यवेक्षकों की राय जानी और उपलब्ध दस्तावेज़ों को भी जांचा, उसके बाद यह फ़ैसला लिया गया.
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में “मतदाताओं को डराने, बूथों के अंदर ग़ैरक़ानूनी मौजूदगी और छेड़छाड़ की आशंका” जैसी बातें सामने आईं.
इसके बाद आयोग ने कहा कि फाल्टा विधानसभा सीट के सभी मतदान केंद्रों पर 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक फिर से मतदान होगा.
इस दौरान “कड़ी सुरक्षा व्यवस्था” की जाएगी ताकि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके.
चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पर्याप्त केंद्रीय बल, माइक्रो-ऑब्ज़र्वर और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाए ताकि “गड़बड़ी दोबारा न हो.”
पूरा चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और सख़्त निगरानी भी होगी.
चुनाव आयोग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि फाल्टा सीट के वोटों की गिनती 24 मई को होगी
ग़ौरतलब है कि दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे.
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अमेरिका और ईरान के बीच बीते तीन हफ़्तों से युद्धविराम चल रहा है. ईरान ने युद्ध को ख़त्म करने के लिए नया प्लान भेजा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो इसे रिव्यू करेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं जल्द ही उस प्लान को रिव्यू करूंगा जो ईरान ने हमें भेजा है."
उन्होंने लिखा, "लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा, क्योंकि उन्होंने अब तक इंसानियत और दुनिया के साथ पिछले 47 सालों में जो किया है, उसकी बड़ी क़ीमत नहीं चुकाई है."
इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था कि वो ईरान की ओर से भेजे गए प्लान से संतुष्ट नहीं हैं.
उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ''ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वे उनके प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं. अब देखते हैं आगे क्या होता है.''
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ईरान ने कहा है कि उसने अमेरिका से हमेशा के लिए युद्ध ख़त्म करने के लिए पाकिस्तान को प्लान भेजा है.
हालांकि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को कह चुके हैं कि ईरान की ओर से आए एक प्लान से वो संतुष्ट नहीं हैं.
इसके बाद शनिवार को ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान ने पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाकर युद्ध को हमेशा के लिए ख़त्म करने का अपना प्लान दिया है.
उन्होंने कहा, "अब फ़ैसला अमेरिका के हाथ में है कि वह बातचीत का रास्ता चुनता है या टकराव जारी रखता है."
ग़रीबाबादी ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान में कुछ राजदूतों से मुलाक़ात की, उन्हें युद्ध ख़त्म करने के प्रस्ताव के बारे में बताया.
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लगभग तीन हफ़्ते हो चुके हैं. हालांकि, दोनों के बीच अभी तक युद्ध ख़त्म करने पर सहमति नहीं बनी है.
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