जयपुर में 4 मंजिला जर्जर हवेली भरभराकर ढह गई। मलबे में 7 लोग दब गए, सभी को बाहर निकाल लिया गया है। हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई, दो बच्चों समेत 5 घायलों को SMS हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। जहां उपचार के बाद एक को छुट्टी दे दी गई। हादसा शुक
हादसे में प्रभात (33) और उनकी बेटी पीहू (6) की मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी सुनीता (25) घायल है। इन तीनों को आज सुबह निकाला गया था। इनके अलावा चार लोगों वासुदेव (34), उनकी पत्नी सुकन्या (23) और बेटों सोनू (4), ऋषि (6) को रात में ही रेस्क्यू करके हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। रिश्तेदारों ने शव लेने से इनकार कर दिया। मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया- शुक्रवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण हवेली ढह गई। यह जर्जर अवस्था में थी, बिल्डिंग में करीब 20 से ज्यादा लोग किराए पर रहते थे। सभी लोग पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।
मौके पर सिविल डिफेंस और SDRF की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी। सुबह 7 बजे तक रेस्क्यू जारी रहा। घटनास्थल पर ACP माणक चौक पीयूष कविया, रामगंज थानाधिकारी सुभाष कुमार और सुभाष चौक थानाधिकारी लिखमाराम पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
आसपास के मकानों को कराया खाली
स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से खाली करा लिया है। घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। सुभाष चौक में जहां यह हादसा हुआ, वहां करीब 5 से ज्यादा ऐसे मकान हैं जो जर्जर अवस्था में हैं। ऐसे में भविष्य में यदि तेज बारिश होती है तो किसी दूसरे मकान में भी हादसा हो सकता है।
तीसरी मंजिल पर थे बाप-बेटी प्रभात और उनका परिवार तीसरी मंजिल पर रहता था। 2 साल से यहां किराए से रह रहा था। यह मकान शहाबुद्दीन नाम के व्यक्ति का है। इस पूरे मकान सिर्फ किराएदार रहते हैं। प्रशासन या नगर निगम ने जर्जर भवनों की जो सूची बनाई थी, उसमें इस भवन का नाम ही नहीं था।
देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS…
हादसे से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.