शहर की एक गोताखोर पलक शर्मा ने स्पर्धा के दौरान गंभीर चोट आने के बाद भी हार नहीं मानी। जूनियर चैंपियनशिप में गोता लगाने के दौरान पैर फिसलने से चार मंजिल की ऊंचाई से वे पानी में गिर गई थीं। कंधे में गंभीर चोट आने पर उन्हें एक महीने का बेड रेस्ट लेना प
इसके बाद उन्होंने फिर वापसी की और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्डन हैट्रिक लगाई। चेन्नई में खेली गई स्पर्धा में उन्होंने हाई बोर्ड, 3 मीटर स्प्रिंग बोर्ड और 1 मीटर स्प्रिंग बोर्ड में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने पहली बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और लगातार तीन पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाया।
2025 में जीते 11 पदक
पलक ने 2025 में 11 पदक अपने नाम किए। इनमें 8 स्वर्ण पदक शामिल हैं।
उत्तराखंड में हुई स्पर्धा में 2 स्वर्ण, 1 रजत पदक जीता।
सिंगापुर में हुई स्पर्धा में 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक जीता।
इसके अलावा साल के अंत में 3 स्वर्ण पदक हासिल किए।
चोट के बाद एयरलिफ्ट करना पड़ा था
अगस्त में चेन्नई में आयोजित जूनियर चैंपियनशिप में पलक शामिल हुई थीं। हाई बोर्ड स्पर्धा में गोता लगाने के दौरान जैसे ही उन्होंने पोजिशन ली, उनका पैर बोर्ड से फिसल गया और वे करीब चार मंजिल की ऊंचाई से पानी में गिर गईं। कंधे में गंभीर चोट लगने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर हॉस्पिटल पहुंचाया गया। 15 दिन उनका इलाज चला और उसके बाद एक महीने तक बेड रेस्ट करना पड़ा। चोट के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्पर्धा से भी बाहर रहना पड़ा। पलक ने चोट से उबरने के बाद लगातार प्रैक्टिस करते हुए रिकॉर्ड पदक अपने नाम किए।
पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए एशियन चैंपियनशिप में मौका मिला- चोट के कारण पलक एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल्स में भाग नहीं ले सकीं, लेकिन उनके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए स्विमिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उन्हें एशियन स्पर्धा में भाग लेने का मौका दिया। बिना प्रैक्टिस किए ही पलक ने स्पर्धा में भाग लिया।
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