एक संसदीय समिति ने सरकार को अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने और भारत के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का सुझाव दि …और पढ़ें
समिति ने भारत-अमेरिका डील पर केंद्र सरकार को दिए सुझाव (जागरण)
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द पूरा करने और हितों की रक्षा हो।
जेनेरिक दवाओं, खनिजों, स्मार्टफोन को टैरिफ से छूट मिले।
छोटे उद्योगों को अचानक टैरिफ बदलावों से सुरक्षा दी जाए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक संसदीय समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द से जल्द पूरा करे और साथ ही यह भी सुनिश्चित करे कि भारत के हितों की पूरी तरह से रक्षा हो।
‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन’ पर वाणिज्य मामलों की संसद की स्थायी समिति की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को देश के मुख्य निर्यात उत्पादों-जैसे जेनेरिक दवाएं, महत्वपूर्ण खनिज और स्मार्टफोन-को भविष्य में अमेरिका द्वारा अचानक बढ़ाए जाने वाले टैरिफ से पूरी तरह छूट दिलाने के लिए बातचीत करनी चाहिए।
समिति ने सुझाव दिया कि वाणिज्य विभाग को ‘मिशन 500’ पहल के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक समय-सीमा वाला रोडमैप तैयार करना चाहिए।
इसमें वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना, महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाना, सप्लाई चेन में सुधार करना और भारतीय निर्यातकों के सामने आने वाली टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करना शामिल होना चाहिए।
बता दें कि दोनों देशों ने 2030 तक कुल द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ाकर 500 अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
समिति ने यह भी कहा कि समझौते में इंजीनियरिंग के सामान, आटो कलपुर्जे और आटोमोटिव सेक्टर से जुड़े अन्य उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर ध्यान दिचया जाना चाहिए, क्योंकि भारतीय निर्यातकों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को हटाने से भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा।
टैरिफ में अचानक होने वाले बदलावों से कमजोर छोटे उद्योगों को सुरक्षा देने की सिफारिश करते हुए समिति ने कहा कि विभाग को स्थानीय स्तर पर वित्तीय बफर और निर्यात क्रेडिट सहायता कार्यक्रम सक्रिय रूप से लागू करने चाहिए।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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