जेबीसीसीआई गठन की मांग को लेकर ट्रेड यूनियनों की ओर से एक जुलाई को आयोजित आंदोलनात्मक कार्यक्रम मांग दिवस के बाद भी कोल इंडिया की ओर से ट्रेड यूनियनों को कोई रिस्पांस नहीं मिला है। यूनियन नेताओं की मानें तो जेबीसीसीआई गठन के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है। मौजूदा परिस्थिति में किस स्तर पर आंदोलन किया जाए, इसपर विचार करने के लिए इसी महीने चार सेंट्रल ट्रेड यूनियनों से जुड़े फेडरेशन की बैठक होगी। संभवत: 11 जुलाई को बैठक हो सकती है। अभी तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। चार ट्रेड यूनियनों सीटू, एटक, इंटक और एचएमएस के प्रतिनिधि बैठक में जुटेंगे।
मालूम हो कि राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो गई है। 1 जुलाई 2021 से नए वेतन समझौता की अवधि शुरू हो गई है। कोयला कर्मियों के 12वें वेतन समझौते को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। 12वें वेतन समझौता के लिए जेबीसीसीआई गठन का मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में है। लेबर कोड के कारण जेबीसीआई का गठन फिलहाल होने की संभावना नहीं है। नए लेबर कोड में वार्ता परिषद् के माध्यम से वेतन समझौता का प्रावधान है। यदि ऐसा हुआ तो 20 प्रतिशत से कम सदस्यता वाली यूनियनों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।कुल मिलाकर कोल सेक्टर में जेबीसीसीआई गठन की मांग को लेकर औद्योगिक संबंध में खींचतान की स्थिति उत्पन्न होती दिखाई दे रही है। फिलहाल कोल इंडिया जेबीसीसीआई को लेकर यूनियनों को कोई भी आश्वासन देने की स्थिति में नहीं है। मामले पर कोल इंडिया के सूत्रों का कहना है कि बिना कोयला मंत्रालय की स्वीकृति के जेबीसीसीआई का गठन संभव नहीं है। चार लेबर कोड लागू हो गया है। ऐसे में लेबर कोड की अनदेखी कर जेबीसीसीआई का गठन करना मुश्किल है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play