ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ हर स्थिति के लिए तैयार है.
सुरभि गुप्ता, चंदन कुमार जजवाड़े
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यूरोपीय आयोग (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला डेर लेयेन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से बात की है.
उर्सुला डेर लेयेन ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, “इस हफ़्ते होने वाली शांति वार्ता से पहले मैंने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात की. जैसे-जैसे हम यूक्रेन के ख़िलाफ़ इस क्रूर युद्ध के चौथे साल की ओर बढ़ रहे हैं, रूस युद्ध अपराधों को और बढ़ा रहा है. वह नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर और घरों पर हमले कर रहा है.”
उन्होंने लिखा, “दिन-ब-दिन, साल-दर-साल, यूक्रेन के लिए यूरोप का समर्थन अटूट बना हुआ है. हम गर्मी और रोशनी बनाए रखने के लिए सैकड़ों जेनरेटर भेज रहे हैं.”
उन्होंने बताया कि ईयू ने यूक्रेन के सामने अगले दो साल के लिए 90 अरब यूरो से ज़्यादा के लोन का प्रस्ताव रखा है.
उर्सुला डेर लेयेन ने कहा, “हम यूक्रेन और अपने अमेरिकी पार्टनर्स के साथ एक सिंगल, यूनिफाइड प्रॉस्पेरिटी फ्रेमवर्क की ओर बढ़ रहे हैं. जल्द ही हम प्रतिबंधों का अपना 20वां पैकेज पेश करेंगे. इसका मक़सद रूस पर दबाव बढ़ाना है ताकि वह शांति की सच्ची नीयत के साथ बातचीत की मेज पर आए.”
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ हर स्थिति के लिए तैयार है.
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने सीएनएन को एक इंटरव्यू में यह बयान दिया है.
इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “ईरान और अमेरिका समय के एक अहम मोड़ पर हैं. हम न्यूक्लियर हथियारों की गैर मौजूदगी पक्का करने के लिए एक निष्पक्ष और सही समझौते पर पहुँच सकते हैं. यह नतीजा दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है और इसे कम समय में हासिल किया जा सकता है.”
उन्होंने कहा, “दूसरी ओर ग़लत अंदाज़ा या देश पर हमला भी हो सकता है. ईरान उस स्थिति के लिए भी पूरी तरह तैयार है.”
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर जाने के बाद बयान दिया है. ममता बनर्जी 15 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने पहुँची थीं.
उन्होंने चुनाव आयोग के दफ़्तर से निकलकर कहा, "मैं बहुत दुखी हूं. मैं बहुत लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में शामिल रही हूं. मैं 4 बार मंत्री और 7 बार सांसद रही हूं. लेकिन मैंने कभी ऐसा चुनाव आयोग नहीं देखा जो इतना अहंकारी और झूठा है."
उन्होंने कहा, "मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कुर्सी की इज़्ज़त करती हूं क्योंकि कोई भी कुर्सी किसी के लिए स्थायी नहीं होती. एक दिन आपको जाना ही होगा, लेकिन ऐसी नज़ीर मत बनाइए. और केवल बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है. चुनाव लोकतंत्र में एक त्योहार होते हैं, लेकिन आपने 98 लाख लोगों के नाम हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौक़ा नहीं दिया."
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इससे पहले टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट किया है, "आज ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में 15 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेगा, ताकि बंगाल में एसआईआर (वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न) के पक्षपाती, मनमाने, भेदभाव वाले और राजनीतिक रूप से प्रेरित आचरण पर अपनी गंभीर चिंताओं को औपचारिक रूप से दर्ज कराया जा सके."
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद के अंदर उठाए मुद्दे का कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने समर्थन किया है और सरकार से सवाल किया है कि वो चर्चा से क्यों डरती है?
उन्होंने कहा, “यह सच में दुख की बात है. मुझे लगता है कि सरकार को इस तरह से प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी. उन्हें चर्चा को बढ़ावा देना चाहिए था, स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी, चीजें साफ करनी चाहिए थीं.”
“चीन का पूरा मुद्दा पूरे देश के लिए बहुत चिंता का विषय है. चीन पर पूरी चर्चा होनी चाहिए. विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, उन सभी को बोलने दें और लोगों को पता चलने दें कि क्या हो रहा है. ऐसी स्थिति न हो कि सब कुछ छिपा दिया जाए. यह हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. यह संसद के कामकाज के लिए भी अच्छा नहीं है."
शशि थरूर ने कहा, "मुझे लगता है कि सरकार की तरफ से ज़्यादा रिएक्शन दिया गया, क्योंकि जहां तक मैं समझा, राहुल जी जिस मुद्दे को उठाना चाहते थे, वह पहले से ही पब्लिक डोमेन में है. वह कारवां मैगज़ीन में छपे एक आर्टिकल का हवाला दे रहे थे, जिसमें जनरल नरवणे के एक संस्मरण का ज़िक्र है जो अभी तक पब्लिश नहीं हुआ है.”
उन्होंने कहा, “इसलिए सरकार को इस बात पर आपत्ति जताने के बजाय कि किताब पब्लिश नहीं हुई है, उन्हें बोलने देना चाहिए था, क्योंकि वैसे भी मैगज़ीन पब्लिकली उपलब्ध है. कोई भी वही आर्टिकल पढ़ सकता है जो राहुल जी ने पढ़ा है.”
शशि थरूर ने कहा, “अगर तथ्य गलत हैं, तो सबसे अच्छा जवाब तथ्यों को ठीक करना है, न कि तथ्यों को सामने आने से रोकना."
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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ़ ने भारत-पाकिस्तान टी-20 मैच पर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान बनाम भारत दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्टिंग इवेंट्स में से एक है, फिर भी इसमें पॉलिटिकल दख़लंदाज़ी होती रहती है जिससे खेल की स्पिरिट और गर्व को नुक़सान पहुँचता है."
"ऐसे ग़लत माहौल में, न खेलना एक उसूल बन जाता है."
इसी महीने सात फ़रवरी से शुरू होने जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ मैच में न उतरने के पाकिस्तान के फ़ैसले पर आईसीसी ने चेतावनी दी है.
पाकिस्तान ने कहा है कि वो टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल होगा, लेकिन भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा.
बीते महीने के आख़िर में जब बांग्लादेश इस टूर्नामेंट से बाहर हुआ तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आईसीसी के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नक़वी के बयानों से ऐसे संकेत मिल रहे थे कि पाकिस्तान इस पूरे टूर्नामेंट से बाहर भी हो सकता है लेकिन रविवार को जारी बयान में पाकिस्तान सरकार ने सिर्फ़ भारत के साथ मुक़ाबले में मैदान पर न उतरने की जानकारी दी.
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राहुल गांधी के बयान के मुद्दे पर संसद में हुए हंगामे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.
प्रियंका गांधी ने पत्रकारों के सवाल पर कहा, "आर्मी को भैया (राहुल गांधी) कभी नहीं बदनाम करेंगे. वह आर्मी चीफ़ की किताब पढ़ रहे थे, इसमें बदनाम करने की बात क्या है?…ये (सत्ता पक्ष) तो हमेशा यही कहते हैं, जब इनकी कोई ऐसी चीज़ बाहर आती है जिससे ये छिपना चाहते हैं."
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "सत्य को, तथ्य को और जो मूल मुद्दा होता है, उसे रखने का एक ही तरीका होता है कि सीधा मूल मुद्दे पर जाओ."
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने क्या मूल मुद्दा उठाया था? डोकलाम के बारे में, चीन के बारे में, भारत-चीन के बारे में, लद्दाख के बारे में. अब आप उसका एक भी जवाब तो दूर, सवाल भी नहीं उठने दे रहे हैं.”
“पहले आप कहते हैं कि ये किसी प्रकाशित किताब में नहीं है, फिर आप कहते हैं कि मैगज़ीन को आप इस्तेमाल नहीं कर सकते. ये सब वो तरीके हैं जिससे आप मूल मुद्दे को सामने नहीं आने दें.”
इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि संसद में नेता विपक्ष राहुल गांधी जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब का हवाला देना चाहते हैं, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें बोलने नहीं दिया.
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तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सदन में विपक्षी दलों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है.
महुआ मोइत्रा ने कहा है कि सत्ता पक्ष के लोग बोल सकते हैं लेकिन विपक्ष की बोलने की बारी आती है तो नियम का हवाला दिया जाता है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि कई गंभीर मुद्दों पर विपक्ष को नियमों का हवाला देकर बोलने से रोक दिया जाता है.
उन्होंने कहा, "संसद में कोई हंगामा नहीं हुआ. यह अविश्वसनीय है कि सत्ताधारी पार्टी और ट्रेजरी बेंच, जिसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री शामिल हैं, विपक्ष के बारे में कुछ भी कैसे कह सकते हैं. वे हमें देशद्रोही कहते हैं. वे नियमित रूप से नेहरू का ज़िक्र करते हैं. वे विपक्ष के हर बड़े नेता का ज़िक्र करते हैं."
“वे हम पर आरोप लगाते हैं तो सब ठीक है. ऐसा कोई नियम नहीं है जो उन्हें रोकता हो. वे कुछ भी कह सकते हैं. तेजस्वी सूर्या जैसे कोई भी सांसद खड़े होकर कुछ भी कह सकते हैं और उसकी तारीफ़ होती है.”
महुआ मोइत्रा ने कहा, “जब हम विपक्ष के तौर पर कुछ कहने के लिए खड़े होते हैं, तो हमारे अधिकार छीन लिए जाते हैं और हमसे कहा जाता है कि इस पर एक नियम है…क्या आप मुझसे कह रहे हैं कि भारत-चीन संबंधों का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-पाकिस्तान संबंधों का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-अमेरिका संबंधों का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? हमें किस बारे में बात करनी चाहिए? बैठ जाएं और जय प्रधानमंत्री करें? क्या हमें सदन में बस यही करना चाहिए?…"
इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि संसद में नेता विपक्ष राहुल गांधी जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब का हवाला देना चाहते हैं, लेकिन मोदी सरकार उन्हें बोलने नहीं दे रही.
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ग़ज़ा पट्टी और मिस्र के बीच रफ़ाह बॉर्डर को फ़लस्तीनियों के लिए खोल दिया गया है. इसके बाद फ़लस्तीनियों ने रफ़ाह बॉर्डर क्रॉसिंग से अंदर जाना शुरू कर दिया है.
पिछले दो साल से इसे ज्यादातर बंद रखा गया था. कुछ फ़लस्तीनियों को मिस्र के अस्पतालों में इलाज के बाद इलाके में वापस आने की इजाज़त दी जा रही है.
इसे दोबारा खोलना राष्ट्रपति ट्रंप की ग़ज़ा के लिए सीज़फ़ायर योजना का एक अहम हिस्सा है.
हालांकि इसराइल हर दिन सिर्फ़ पचास मरीज़ों को किसी भी दिशा में आने-जाने देगा.
इसके साथ ही हर मरीज़ के साथ ज़्यादा से ज़्यादा दो लोग आ या जा सकेंगे और उन्हें कोई भी सामान ले जाने की इजाज़त नहीं होगी.
अब तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक ख़बरें पहुंचा रही थीं.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
– फ़ैशन डिज़ाइनर कैसे बन सकते हैं और इस प्रोफेशन में कितनी कमाई हो सकती है?
– आईसीसी ने पाकिस्तान को भारत के ख़िलाफ़ मैच का बायकॉट करने पर दी ये चेतावनी
– बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2025: ये हैं पांच नॉमिनी
– वित्त मंत्री ने बजट में बदल डाले ये 5 नियम, आपके लिए जानना है ज़रूरी
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को दिल्ली पहुंची हैं. वह और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में 15 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलेगा.
बंग भवन पहुंचकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, "देखिए दिल्ली पुलिस क्या कर रही है. हम उनकी आलोचना नहीं करेंगे क्योंकि यह उनकी ग़लती नहीं है… दिल्ली पुलिस की एक बस यहां लाई गई है."
उन्होंने कहा, "हमारी इलेक्शन कमीशन में मीटिंग है… हम यहां आधिकारिक अपॉइंटमेंट लेकर आए हैं. कई परिवार वाले यहां आए हैं जिन्हें वोटर लिस्ट से हटाने और उनके अधिकार छीनने के लिए मरा हुआ दिखाया गया."
"जब दिल्ली में धमाका होता है, तो दिल्ली पुलिस कहां होती है? जब हम आते हैं, तो दिल्ली डर जाती है. अगर हम चाहते, तो लाखों लोगों को ला सकते थे. हम यहां 50 लोगों को लाए हैं जिन्हें एसआईआर में मरा हुआ घोषित किया गया है."
इससे पहले टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट किया है, "आज ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में 15 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेगा, ताकि बंगाल में एसआईआर (वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न) के पक्षपाती, मनमाने, भेदभाव वाले और राजनीतिक रूप से प्रेरित आचरण पर अपनी गंभीर चिंताओं को औपचारिक रूप से दर्ज कराया जा सके."
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आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के ख़िलाफ़ मैच के पाकिस्तान के बहिष्कार करने के फ़ैसले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
उनसे जब इस मामले में सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब दिया, "भारत सरकार को अपनी विदेश नीति पर विचार करना पड़ेगा कि किस दिशा में उनकी विदेश नीति जा रही है."
वहीं कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, "पाकिस्तान मना कर रहा है. मुझे हैरत है कि भारत ने क्यों मना नहीं किया. ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुबई में वो मैच क्यों खेला गया? बीसीसीआई ने क्यों इजाज़त दी?"
"आतंकी घटनाओं में बार-बार हमारे जवान शहीद होते हैं, नागरिक शहीद होते हैं उसके बाद क्रिकेट खेलने की ज]रूरत क्या है? सीधे मना करिए, बिल्कुल नहीं खेलिए."
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आज तीन दिन के अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि जयशंकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो की ओर से आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स पर एक मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे.
इस बैठक में सप्लाई चेन की मज़बूती, स्वच्छ ऊर्जा बदलाव और महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
एस जयशंकर का दौरा दो से चार फ़रवरी 2026 तक रहेगा. इस दौरे के दौरान, विदेश मंत्री अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों के साथ भी कई बैठकें करेंगे.
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आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के ख़िलाफ़ मैच का बहिष्कार करने की पाकिस्तान की घोषणा पर बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी है.
राजीव शुक्ला ने कहा, "आईसीसी का बयान आया है जिसमें उन्होंने खेल भावना को लेकर कहा है. हम आईसीसी से पूरी तरह सहमत हैं. बीसीसीआई इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी, जब तक आईसीसी से हमारी बातचीन ना हो जाए."
इस मामले में आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को चेतावनी दी है.
आईसीसी ने कहा है कि 'वो उम्मीद करता है कि पीसीबी एक आपसी सहमति वाला समाधान निकाले, जो सभी संबंधित पक्षों के हितों की रक्षा करता हो.'
आईसीसी ने पाकिस्तान के इस फ़ैसले के 'दूरगामी परिणाम' होने की बात भी कही है.
भारत और श्रीलंका में 7 फ़रवरी से आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने जा रहा है जो आठ मार्च तक चलेगा. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 फ़रवरी को भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच मुक़ाबला तय है.
यहां पढ़ें- टी-20 वर्ल्ड कप: भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा पाकिस्तान, विशेषज्ञों ने उठाए ये सवाल
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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने रविवार को लॉस एंजिल्स में हुए 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में बेस्ट ऑडियो बुक कैटेगरी में अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता है.
उन्हें उनकी एल्बम मेडिटेशन्स: द रिफ़्लेक्शन्स ऑफ़ हिज़ होलीनेस द दलाई लामा के लिए ये अवॉर्ड दिया गया है.
14वें दलाई लामा के ऑफ़िस के आधिकारिक एक्स पेज पर पोस्ट किया गया, "मैं इस सम्मान को आभार और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं."
"मेरा मानना है कि शांति, करुणा, हमारे पर्यावरण की देखभाल और मानवता की एकता की समझ सभी आठ अरब इंसानों की सामूहिक भलाई के लिए ज़रूरी है."
"मैं आभारी हूं कि यह ग्रैमी सम्मान इन संदेशों को और ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है."
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एनसीपी नेता अजित पवार की विमान हादसे में मौत को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने 'रहस्यमय' बताया है.
उन्होंने कहा, "अजित पवार का जो एक्सीडेंट हुआ, उस पर सवाल तो उठेंगे ही और उठने भी चाहिए…कुछ न कुछ गड़बड़ है."
संजय राउत ने कहा कि अजित पवार जैसे बड़े नेता की जिस तरह से एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई, उस पर 'जांच करेंगे' और 'रिपोर्ट देंगे' जैसी बातें कहने से कुछ नहीं होगा.
उन्होंने कहा, "उनकी मौत रहस्यमय है. कुछ तो हुआ है पर्दे के पीछे."
संजय राउत ने बीजेपी पर अजित पवार को धमकी देने का आरोप लगाया. राउत के हालिया बयान पर अब तक बीजेपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
वहीं इससे पहले, एनसीपी (एससीपी) प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार की मौत के पीछे किसी भी राजनीतिक साजिश से इनकार किया था. उन्होंने कहा था, "इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं है. यह पूरी तरह एक दुर्घटना थी."
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की 'क्षेत्रीय युद्ध' की चेतावनी पर प्रतिक्रिया दी है.
मार-ए-लागो में प्रेस से बातचीत में ट्रंप से ख़ामेनेई के उस बयान पर जवाब मांगा गया था, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इससे 'क्षेत्रीय युद्ध' छिड़ सकता है.
इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "बिल्कुल, वह यही कहेंगे. लेकिन हमारे पास दुनिया के सबसे बड़े, सबसे शक्तिशाली जहाज़ वहां हैं."
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि बहुत जल्द, कुछ ही दिनों में हम कोई डील कर लेंगे. अगर हम डील नहीं करते हैं, तो हमें पता चल जाएगा कि वह सही हैं या नहीं."
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केंद्रीय बजट 2026 में ईरान में चाबहार बंदरगाह के लिए कोई रक़म जारी नहीं की गई है. पिछले साल के बजट में भारत ने चाबहार बंदरगाह के लिए चार सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया था.
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध, क्षेत्रीय अस्थिरता और बदलती भू-राजनीति के कारण चाबहार की रफ़्तार पहले भी धीमी रही है.
लेकिन अब भारत के चाबहार के लिए फंड आवंटित ना करने से इसके ठप पड़ जाने की आशंका भी पैदा हो गई है.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वॉशिंगटन डीसी में स्थित कैनेडी सेंटर जुलाई से दो साल के लिए बंद रहेगा.
ट्रंप ने इसका कारण सेंटर का रेनोवेशन बताया है, जो इस साल जुलाई से शुरू होगा.
रविवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि यह सेंटर इस साल 4 जुलाई को "हमारे देश की 250वीं वर्षगांठ के सम्मान में" बंद हो जाएगा.
यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में इस मशहूर संस्थान का नाम बदलकर ट्रंप कैनेडी सेंटर किए जाने के बाद कई कलाकारों ने वहां परफ़ॉर्मेंस कैंसिल कर दी थी.
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पद संभालने के तुरंत बाद, राष्ट्रपति ने सेंटर के कई बोर्ड सदस्यों को निकाल दिया था और उनकी जगह अपने सहयोगियों को नियुक्त किया, जिन्होंने बाद में ट्रंप को बोर्ड का चेयरमैन बनाने के लिए वोट दिया.
पिछले साल दिसंबर में नए बोर्ड ने इस संस्थान का नाम बदलकर 'द डोनाल्ड जे ट्रंप एंड जॉन एफ़ कैनेडी मेमोरियल सेंटर फ़ॉर द परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स' कर दिया था.
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पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान आगा ने कहा है कि टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलने का फ़ैसला पाकिस्तानी क्रिकेटरों का नहीं है.
पाकिस्तान ने घोषणा की है कि उसकी क्रिकेट टीम टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ़ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगी.
भारत और श्रीलंका में 7 फ़रवरी से आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है.
पाकिस्तान सरकार ने एक्स पर लिखा है, "इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने की मंज़ूरी दे दी है. हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फ़रवरी 2026 को भारत के ख़िलाफ़ निर्धारित मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी."
लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान सलमान अली आगा से भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलने के फ़ैसले पर सवाल किया गया.
इस पर उन्होंने कहा, "वो हमारा डिसीज़न नहीं है, उसमें हम कुछ कर नहीं सकते. जो हमारी सरकार, हमारे चेयरमैन जो हमें बोलेंगे, हमें वही करना है. वो जैसा कहेंगे, हम करेंगे."
यहां पढ़ें- टी-20 वर्ल्ड कप: भारत के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा पाकिस्तान, विशेषज्ञों ने उठाए ये सवाल
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दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी नई फ़ाइलें जारी होने के बाद ब्रिटेन के लेबर पार्टी के नेता पीटर मैंडेलसन ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. अपने ख़त में उन्होंने लिखा कि वह पार्टी को 'और शर्मिंदा' नहीं करना चाहते.
अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से हाल ही में जारी की गई नई एपस्टीन फ़ाइलों के बाद दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से संबंधों को लेकर उन पर और जांच हो रही है.
पूर्व कैबिनेट मंत्री मैंडेलसन को एपस्टीन से उनके संबंधों के कारण पिछले साल अमेरिका के राजदूत के पद से हटा दिया गया था.
दस्तावेजों के मुताबिक़ एपस्टीन ने साल 2003 और 2004 में मेंडेलसन को 25 हज़ार डॉलर के तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 75 हज़ार डॉलर का पेमेंट किया था.
लेबर पार्टी के जनरल सेक्रेटरी को लिखे अपने ख़त में, मैंडेलसन ने कहा कि इस हफ़्ते उन्हें जेफ़री एपस्टीन से फ़िर से जोड़ा गया है और उन्हें इस बात का अफ़सोस है.
उन्होंने लिखा, "मुझे पर लगे आरोप जो झूठ हैं कि उन्होंने (जेफ़री एपस्टीन ने) 20 साल पहले मुझे पेमेंट किया था, और जिसका मेरे पास कोई रिकॉर्ड या याद नहीं है, उसकी मुझे जांच करने की ज़रूरत है."
"ऐसा करते समय मैं लेबर पार्टी को और ज़्यादा शर्मिंदगी नहीं पहुंचाना चाहता और इसलिए मैं पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं. मैं इस मौक़े पर उन महिलाओं और लड़कियों से फिर से माफ़ी मांगना चाहता हूं जिनकी आवाज़ बहुत पहले सुनी जानी चाहिए थीं."
"मैंने अपनी ज़िंदगी लेबर पार्टी के मूल्यों और सफलता के लिए समर्पित की है और यह फ़ैसला लेते हुए, मेरा मानना है कि मैं पार्टी के सबसे अच्छे हित में काम कर रहा हूं."
इससे पहले मैंडेलसन ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि जारी किए गए नए दस्तावेज़ असली हैं या नहीं.
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