ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग- मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन, दीपके ने क्या कहा? – BBC

इमेज स्रोत, Getty Images
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान को बंद करने की मांग को लेकर दिल्ली, मुंबई, पटना और अन्य शहरों में शुक्रवार को प्रदर्शन हुए.
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुंबई के शिवाजी पार्क के पास प्रदर्शन किया.
बीबीसी मराठी के अनुसार, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, "अगर गांधी इस देश की आत्मा हैं, तो आंबेडकर इस देश की रीढ़ हैं. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और नेहरू ने हमें वोट देने का अधिकार दिया."
इस प्रदर्शन के मंच पर अभिनेत्री शबाना आज़मी समेत मुंबई के कई कलाकार, अभिजीत दीपके, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे ने हिस्सा लिया.
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर मुंबई में प्रदर्शन का आह्वान किया था.
इमेज स्रोत, @abhijeet_dipke
दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा छात्र संगठनों, आम आदमी पार्टी, और सामाजिक संगठनों ने की थी, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुंबई के शिवाजी स्टेडियम में शुक्रवार शाम को लोगों से जुटने की अपील की है.
मुंबई में शिवाजी पार्क में फ़िल्म अभिनेत्री शबाना आज़मी और संगीतकार विशाल ददलानी भी सीजेपी के प्रोटेस्ट में पहुंचे हैं. यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हैं और वहाँ नारेबाज़ी कर रहे हैं.
समाजार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, "सरकार इतनी नाकाबिल है कि हमें दो महीने में दूसरी बार प्रदर्शन करना पड़ा है."
समाप्त
इमेज स्रोत, @Cockroachisback
शबाना आज़मी ने कहा, "वोट हमारा अधिकार है. ये हमारी आवाज़ है. लेकिन हमारा वोट हमसे छीन लिया जाए तो हम क्या करेंगे? हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. हम किसी भी ग़लत चीज को नहीं सहेंगे. यह हमारा मुल्क है. हमारे संविधान ने हमें यह अधिकार दिया है."
वहीं फ़िल्म संगीतकार और निर्माता विशाल भारद्वाज ने शिवाजी पार्क पहुंच कर कहा, "मैं यहां समर्थन में आया हूं. यह निजी बात है. किसी को मन से लगता है कि जो हो रहा है वह ग़लत हो रहा है, तो समर्थन में आएं और किसी को नहीं लगता है तो न आएं."
इधर दिल्ली में पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और दिल्ली मेट्रो ने भी 10 से ज़्यादा मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया.
इसके बाद भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचने की कोशिश करते रहे और उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
इमेज स्रोत, @neha_aisa
हालाँकि शुक्रवार देर शाम को आप नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आख़िरकार सांसद संजय सिंह, जरनैल सिंह, संजीव झा और अन्य आप कार्यकर्ताओं के द्वारका पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया."
आइसा की नेता नेहा बोरा ने कहा, "जंतर-मंतर-2 पूरा नहीं हुआ है, यह तो बस शुरुआत है. हम कल वापस आ रहे हैं. दोपहर 1 बजे."
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भी एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "लगभग शाम 7 बजे मुझे और मेरे साथ के सभी साथियों को हिरासत से रिहा कर दिया गया. लेकिन हिरासत में लेने से आवाज़ को क़ैद नहीं कर सकते. आंदोलन जारी है.
इमेज स्रोत, ANI
इससे पहले योगेंद्र यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था, "दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिए साथियों को अलग-अलग थानों में बैठाकर रखा है. हमें पहले न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और फिर कालिंदी कुंज में लाया गया."
"आज जिस तरह दिल्ली को छावनी में बदलकर गिरफ्तारियाँ की गईं, वह अंग्रेज़ों के दौर की याद दिलाता है. दमन से आंदोलन थकते नहीं, उनका संकल्प और मजबूत होता है."
उनकी इस पोस्ट को आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी शेयर किया.
शुक्रवार को प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर की ओर जाने से पहले ही आरजेडी सांसद मनोज झा समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया.
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को दिल्ली महिला पुलिस ने हिरासत में लिया. दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज और सांसद संजय सिंह को भी हिरासत में ले लिया.
आइसा की नेता नेहा बोरा को पुलिस ने डिटेन किया. हिरासत में लिए गए लोगों में सीपीएम जनरल सेक्रेटरी एमए बेबी भी शामिल थे.
इमेज स्रोत, ANI
इमेज स्रोत, @SanjayAzadSln
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया कि जंतर-मंतर के पास सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया.
वामपंथी छात्र संगठनों, आइसा, एसएफ़आई, सीपीएम, सीपीआई के नेता और कार्यकर्ता सुबह ही जंतर मंतर पहुंचना शुरू हो गए थे.
हालाँकि दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ दो अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार शाम को ही बताया था जंतर मंतर के आस पास धारा 163 लगा दी गई है. साथ ही इलाक़े में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई.
प्रदर्शन का आह्वान करने वाले लोगों में से एक वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि एक मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है, निषेधाज्ञां लागू कर दी गई है और इंटरनेट बंद कर दिया गया है, पुलिस ने जंतर-मंतर की घेराबंदी कर दी है और वहां लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है.
इमेज स्रोत, @abhijeet_dipke
देश – दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.
एपिसोड
समाप्त
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दो अक्तूबर को शाम चार बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में जेल भरो आंदोलन का एलान किया.
इस आंदोलन के लिए शिवाजी पार्क में सीजेपी समर्थकों की भारी भीड़ जुटी है और लोग अपनी मांगों को लेकर नारे लगा रहे हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि लोग तय समय से दो घंटे पहले ही शिवाजी पार्क पहुंचना शुरू हो गए और मुंबई 2 अक्तूबर को इतिहास लिखेगा.
सीजेपी ने लिखा है- सीज़न-2 शुरू.
प्रदर्शनों को देखते हुए मुंबई में शिवाजी पार्क और इसके आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.
मुंबई में शिव सेना भवन से शिवाजी पार्क की ओर बड़ी संख्या में प्रदर्शकारी सकड़ पर मार्च करते हुए पहुंचे हैं.
सीजेपी के आंदोलन को लेकर शिव सेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "मुंबई लोकतंत्र को फिर से हासिल करने के लिए सामने आ रहा है. मैं उम्मीद करता हूं कि सभी लोग यहां सीजेपी के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए पहुंच रहे होंगे."
"बीजेपी के निरंकुश शासन ने हमारा वोट और हमारी आवाज़ छीन ली है और हमें इन्हें फिर से हासिल करना होगा. यह राजनीति का मामला नहीं है, यह देश का मामला है. यह हमारे लोकतंत्र, हमारे वोट और हमारे संविधान का मामला है. ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा."
दीपके ने इससे पहले कहा था कि मुंबई पुलिस ने ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि संगठन गांधी जयंती के दिन "जेल भरो आंदोलन" शुरू करेगा.
हालांकि, मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया कि 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के मद्देनजर वह शिवाजी पार्क में किसी सभा को अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं है. पुलिस ने यह भी कहा कि यह इलाक़ा साइलेंस ज़ोन है.
इमेज स्रोत, Arun SANKAR / AFP via Getty Images
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी, छात्र संगठनों, आम आदमी पार्टी और अन्य कई संगठनों ने दो अक्तूबर गांधी जयंती के दिन प्रदर्शन का एलान किया था.
सीजेपी ने अपना विरोध प्रदर्शन मुंबई में करने का एलान किया तो अन्य संगठनों ने लोगों से दो अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की थी.
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफ़आई) की ओर से प्रस्तावित मार्च को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है. हालांकि, संगठनों ने इसके बावजूद जुटने की योजना बनाई थी.
आम आदमी पार्टी ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की.
आप विधायक और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने गुरुवार को लोगों से शुक्रवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "आइए, दो अक्तूबर 2026 को सुबह 10 बजे जंतर-मंतर चलते हैं."
इमेज स्रोत, ANI
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने दिल्ली पुलिस की आलोचना करते हुए एक्स पर लिखा, ''मोदी/शाह के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्य दिल्ली को पूरी तरह बंद कर दिया है."
"11 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है! पुलिस ने जंतर-मंतर को घेर लिया है और वहाँ लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है. सांसद मनोज झा को भी हिरासत में लिया गया है.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
शॉर्ट वीडियो का अंत
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News