डगमगाती ग्लोबल इकोनॉमी और ट्रेड के बिगड़ते हालात… ऐसे वक्त में भारत का बजट क्या कहता है? – AajTak

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बजट 2026-27 को देखते हुए दुनिया की हालत का अंदाजा लगता है कि अभी सब कुछ काफी उलझा हुआ है. जियो-पॉलिटिकल टेंशन, ट्रेड में रुकावटें, सप्लाई चेन का डिस्टर्ब होना, ये सब मिलकर ग्लोबल इकोनॉमी को हिला रहे हैं. ऐसे में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए शुरू से ही साफ कहा कि इस बार रिफॉर्म पर फोकस है, वादों पर नहीं, लोगों पर फोकस है, नाम कमाने पर नहीं. मतलब, कोई बड़ा-बड़ा ऐलान या मिडिल क्लास को डायरेक्ट टैक्स राहत जैसी चीज नहीं दी गई, लेकिन देश की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ट्रैक पर जोर दिया गया है.
कैसा है बजट का मूड 
बजट का पूरा मूड है विकसित भारत की तरफ बढ़ना  यानी हाई ग्रोथ, लेकिन सबको साथ लेकर. कोई एम्बिवैलेंस नहीं, सिर्फ एक्शन. इकोनॉमी को 7% के आसपास रखने की कोशिश, इन्फ्लेशन कंट्रोल में, पब्लिक इन्वेस्टमेंट मजबूत, फिस्कल डिसिप्लिन और मोनेटरी स्टेबिलिटी. साथ ही, क्रिटिकल इम्पोर्ट्स पर डिपेंडेंसी कम करना और एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करना.
नहीं चली ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’
सरकार ने पिछले कुछ समय में 350 से ज्यादा स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स जैसे  जीएसटी को आसान बनाना, लेबर कोड्स लागू करना, क्वालिटी कंट्रोल को रेशनलाइज करना लागू किए हैं. सेंटर और स्टेट्स मिलकर डेरगुलेशन और कम्प्लायंस कम करने पर काम कर रहे हैं. इसे ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का नाम दिया गया है  जैसे ट्रेन की स्पीड बढ़ रही हो.
बजट को युवा शक्ति से ड्रिवन बताया गया है और इसके तीन बड़े कर्तव्य बताए गए हैं. इनमें पहला ग्रोथ को तेज करना और बनाए रखना है. 
दूसरा प्रोडक्टिविटी और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर  लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है. तीसरा है हर रीजन, हर कम्युनिटी को साथ लेकर सबके लिए रिसोर्सेज और ऑपर्च्युनिटीज़ सुनिश्चित करना.
क्या हैं बजट के छह बड़े पिलर्स 
इकोनॉमिक ग्रोथ को बनाए रखना
ग्रोथ की बुनियाद मजबूत करना (इंफ्रा, एनर्जी, सिटीज)
लोगों पर फोकस्ड डेवलपमेंट
ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग
फिस्कल मैटर्स
मैन्युफैक्चरिंग और फ्रंटियर सेक्टर्स पर खासा जोर
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
बायोफार्मा शक्ति स्कीम
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग
इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल प्रोग्राम
तीन केमिकल पार्क्स
रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स
कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग
हाई वैल्यू कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट
अफोर्डेबल स्पोर्ट्स गुड्स
सीपीएसई में हाई-टेक टूल रूम्स
200 पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को रिवाइव करना
टैक्स और कस्टम्स में कई चीजें मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देने वाली हैं जैसे नॉन-रेजिडेंट सप्लायर्स के लिए इनकम टैक्स छूट, बॉन्डेड जोन्स में सेफ हार्बर, ट्रस्टेड मैन्युफैक्चरर्स के लिए ड्यूटी डिफर्ड, कुछ सेक्टर्स में ड्यूटी-फ्री इनपुट लिमिट बढ़ाना, माइक्रोवेव ओवन पार्ट्स, एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस MRO के लिए कस्टम्स ड्यूटी छूट.
MSME को ‘चैंपियन’ बनाने का प्लान
10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड
सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में 2,000 करोड़ टॉप-अप
CPSEs को TReDS यूज करना अनिवार्य
CGTMSE से इनवॉइस डिस्काउंटिंग गारंटी
TReDS रिसीवेबल्स का सिक्योरिटाइजेशन
GeM को TReDS से लिंक करना
‘कॉर्पोरेट मित्र’ से लो-कॉस्ट कम्प्लायंस सपोर्ट
सर्विसेज और ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ पर पुश
एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज कमिटी
मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब्स
1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स ट्रेनिंग
तीन नए AIIMS ऑफ आयुर्वेद
स्कूल-कॉलेज में AVGC कंटेंट लैब्स
पूर्वी भारत में नया NID
खेलो इंडिया मिशन को मजबूत करना
एजुकेशन, टूरिज्म, कल्चर
इंडस्ट्रियल/लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के साथ पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स
हर डिस्ट्रिक्ट लेवल STEM इंस्टीट्यूशन में गर्ल्स हॉस्टल
टेलिस्कोप इंफ्रा अपग्रेड
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी
नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड
इको-फ्रेंडली ट्रेल्स (माउंटेन, टर्टल, बर्ड)
15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स को एक्सपीरियंसल डेस्टिनेशन बनाना
10,000 गाइड्स अपस्किलिंग
नॉर्थ ईस्ट में बौद्ध सर्किट
ग्लोबल बिग कैट समिट भारत में
IT और क्लाउड सर्विसेज
15.5% सेफ हार्बर टैक्स रिजीम, हाई टर्नओवर थ्रेशोल्ड
फास्टर APA, मॉडिफाइड रिटर्न
2047 तक विदेशी क्लाउड प्लेयर्स को टैक्स हॉलिडे (भारत में डेटा सेंटर्स से ग्लोबल क्लाइंट्स सर्व करने पर)
फाइनेंशियल सेक्टर
बैंकिंग फॉर विकसित भारत पर हाई लेवल कमिटी
बड़े म्यूनिसिपल बॉन्ड्स को इंसेंटिव
PFC और REC का रिस्ट्रक्चरिंग
फॉरेन इन्वेस्टमेंट रूल्स रिव्यू
कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट में टूल्स (मार्केट मेकिंग, टोटल रिटर्न स्वैप्स)
F&O पर STT बढ़ाना
एग्रीकल्चर और एलाइड
हाई वैल्यू एग्री, हॉर्टिकल्चर, फिशरीज (काजू, कोको, नारियल, चंदन, वॉलनट/बादाम/पाइन नट्स ऑर्चर्ड्स)
500 रिजर्वॉयर्स और अमृत सरोवर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट
फिश वैल्यू चेन और फिश FPOs मजबूत
प्राइवेट वेटरनरी इंफ्रा के लिए लोन लिंक्ड सब्सिडी
AgriStack और ICAR एडवाइजरी को AI से जोड़ना
कोऑपरेटिव्स
EEZ/हाई सीज में फिश कैच को एक्सपोर्ट मानकर ड्यूटी-फ्री
प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसाइटीज के लिए ब्रॉड डिडक्शन
इंटर-कोऑपरेटिव डिविडेंड पर डिडक्शन
स्पेसिफाइड फेडरेशन डिविडेंड पर टाइम-बाउंड टैक्स छूट
इंफ्रा और लॉजिस्टिक्स
इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड
CPSE रियल एस्टेट का REIT से रिसाइक्लिंग
नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (दनकुनी-सूरत)
20 नए नेशनल वॉटरवेज
इनलैंड वॉटरवे शिप रिपेयर
कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम (2047 तक 6% से 12% मॉडल शेयर)
सीप्लेन VGF स्कीम
राज्यों को 2 लाख करोड़ SASCI सपोर्ट
‘पूर्वोदय’-ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
अर्बन और रीजनल
‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ यानी टियर-2/3 और टेम्पल टाउन्स पर फोकस
सात हाई-स्पीड ‘ग्रोथ कनेक्टर’ रेल कॉरिडोर (मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, आदि)
एनर्जी सिक्योरिटी
20,000 करोड़ CCUS स्कीम
लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए ड्यूटी छूट एक्सटेंड
सोलर ग्लास इनपुट्स पर ड्यूटी रिलीफ
न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए ब्रॉड ड्यूटी छूट
क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग के लिए ड्यूटी-फ्री कैपिटल गुड्स
बायोगैस ब्लेंडेड CNG पर एक्साइज रिलीफ
पीपल-सेंट्रिक
नेशनल केयर इकोसिस्टम एक्सपैंड
1.5 लाख केयरगिवर्स ट्रेनिंग
SHE Marts (कम्युनिटी ओन्ड रिटेल)
दिव्यांगजन कौशल योजना, दिव्यांग सहारा योजना
ALIMCO को AI असिस्टिव डिवाइसेस के साथ स्केल-अप
PM दिव्याशा केंद्र मजबूत
दूसरा NIMHANS, रांची और तेजपुर में मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट अपग्रेड
डिस्ट्रिक्ट लेवल इमरजेंसी/ट्रॉमा सेंटर्स
ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस
AEO के लिए ज्यादा बेनिफिट्स
लंबा ड्यूटी डिफरल
कस्टम्स एडवांस रूलिंग वैलिडिटी बढ़ाना
ट्रस्टेड इम्पोर्टर्स के लिए कम वेरिफिकेशन
ऑटोमेटेड कस्टम्स नोटिफिकेशन
वेयरहाउस ऑपरेटर-फ्रेंडली फ्रेमवर्क
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस / लिविंग
डायरेक्ट टैक्स, TDS/TCS, प्रोसीजरल रिलैक्सेशन
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए आसान रूट्स, कम रेट्स
रिटर्न/डिस्क्लोजर विंडो अपडेट
कुछ ऑफेंस डिक्रिमिनलाइज
MAT में फ्लेक्सिबिलिटी
कैंसर मेडिसिन्स पर रिलीफ
इंटीग्रेटेड डिजिटल कार्गो क्लियरेंस
फिस्कल स्टांस
16th फाइनेंस कमीशन की 41% वर्टिकल डेवोल्यूशन बरकरार
FY27 के लिए बड़े फाइनेंस कमीशन ग्रांट्स
मीडियम-टर्म में डेब्ट-टू-GDP को 2030 तक 50% के आसपास लाना
डेब्ट और फिस्कल डेफिसिट रेशियो धीरे-धीरे कम
खर्च में ट्रांसपोर्ट, डिफेंस, रूरल डेवलपमेंट, होम अफेयर्स, एग्री, एजुकेशन, हेल्थ पर मजबूत आउटले यानी पब्लिक कैपेक्स से ग्रोथ को सपोर्ट
कुल मिलाकर देखा जाए तो ये बजट पॉपुलिस्ट स्टंट्स से दूर रहकर देश को लॉन्ग-टर्म ट्रैक पर ले जाने की कोशिश है. दुनिया की अनिश्चितता में इंडिया को मजबूत, सेल्फ-रिलायंट और इनक्लूसिव बनाने का रोडमैप. मिडिल क्लास को डायरेक्ट कुछ नहीं मिला, लेकिन ग्रोथ अगर अच्छी रही तो सबको फायदा होगा. बजट में कहीं न कहीं यही मैसेज निहित है. 
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