Feedback
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में धर्मांतरण मामले की जांच एसटीएफ कर रही है. बीते दिनों टीम ने अपनी रिपोर्ट भी शासन को सौंपी थी. वहीं अब एक और बड़ी जानकारी सामने आई है. जिसके अनुसार जिस पीड़िता ने डॉ. रमीज मलिक पर धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए थे, उसने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी है. पीड़िता विश्वविद्यालय छोड़कर अपने घर वापस लौट गई है. उसके इस कदम के बाद KGMU प्रशासन और जांच एजेंसियों में हलचल तेज हो गई है.
पीड़िता ने इसलिए छोड़ा कैम्पस
मामले की जांच कर रही STF ने अपनी जांच में KGMU के कई प्रोफेसरों के नाम शामिल होने की बात कही थी. सूत्रों के मुताबिक, STF की जांच के दायरे में आए विभाग के प्रोफेसर और डॉक्टर का सहयोग और सुरक्षा सहित केजीएमयू की अड़चन उसे लगातार परेशान कर रही है. पीड़िता ने विभाग और केजीएमयू की कानूनी प्रक्रिया और केजीएमयू में अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. विभाग में मौजूद आरोपी के सामने रहना मुश्किल.
पीड़िता के पिता ने यूनिवर्सिटी में पत्र लिखकर जानकारी दी विश्वविद्यालय में उसके लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा था और उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था. हालांकि KGMU प्रशासन ने पीड़िता को सुरक्षा और हरसंभव मदद का भरोसा दिया था. प्रशासन की ओर से उसे आश्वस्त किया गया था कि मामले में न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे.
विवि ने पीड़िता को दिया सुरक्षा का आश्वासन
प्रशासन के आश्वासन के बावजूद पीड़िता वापस विश्वविद्यालय अभी नहीं लौटी और घर पर ही फ़िलहाल रहने का फैसला किया. पीड़िता के KGMU छोड़ने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और जांच को प्रभावित किए जाने के आरोपों को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं.
हालांकि केके सिंह प्रवक्ता का कहना है कि पीड़िता अभी कैंपस में नहीं है वह जा चुकी है. उसने लेटर भेजकर आने असमर्थता जताई है, बाकी हम लोग ने समझाने की कोशिश कर रहे है उम्मीद है वापस आएगी और जांच कमेटी बनाने के बाद आरोपी डाक्टरों पर कार्यवाही की संभावना है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू