वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में बुधवार को हिंदी माह-2026 के अंतर्गत मुख्य समारोह का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने ‘हिंदी : समाचार पत्र के पृष्ठ से संसद के गलियारे तक’ विषय पर संबोधित करते हुए भारतीय भाषाओं के प्रसार में तकनीकी की भूमिका पर चर्चा की। मुख्य अतिथि ने साहित्य को समाज की चेतना, विचार और संवेदनशीलता को परिष्कृत करने वाला माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को इससे जुड़ने की प्रेरणा दी। संसद में भारतीय भाषाओं के बढ़ते प्रयोग और संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में अनुवाद की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित अनुवाद तकनीक को भाषाई संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं के परस्पर संपर्क से राष्ट्रीय एकता और जनचेतना को नई दिशा मिल सकती है। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और विचारों की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने हिंदी सहित सभी भाषाओं के प्रति सम्मान एवं उनके व्यवहारिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। कार्यक्रम में हिंदी माह के दौरान आयोजित गतिविधियों की उप कुलसचिव (राजभाषा) डॉ. अमित कुमार सिंह ने जानकारी दी। इस दौरान प्रो. एनके मुखोपाध्याय, प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, डीन प्रो. राजेश कुमार, प्रो. पीके पांडा, प्रो. केके सिंह सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजभाषा प्रकोष्ठ के शशांक पाठक ने किया。
समारोह के दौरान कुलसचिव सुमित कुमार विश्वास ने पुरस्कार वितरण किया। हिंदी कहानी कर्मचारी वर्ग में सिमरन अखौरी, अंकित जैन और अभिषेक कुमार शर्मा विजेता रहे। छात्र वर्ग में सिद्धार्थ त्रिवेदी, मयंक यादव और प्रद्युम्न मंगल को पुरस्कार मिला। निबंध प्रतियोगिता में कर्मचारी अंकित जैन, रितेश रंजन सिन्हा, यमन जायसवाल और छात्र सिद्धार्थ त्रिवेदी, समृद्धि वर्मा और सौरभ सेन प्रथम तीन विजेता रहे। इसी तरह हिंदी व्यंग्य, पत्र लेखन एवं राजभाषा नियम-अधिनियम प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, हिंदी श्रुतलेख और हिंदी स्लोगन प्रतियोगिता में भी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
शॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play