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ताजमहल में पर्यटकों पर बंदरों के हमले का सिलसिला थम नहीं रहा है. बुधवार सुबह एक बार फिर दो पर्यटक बंदरों के हमले का शिकार हो गए. इनमें ब्राजील से आए 83 वर्षीय पर्यटक एंथनी पेन और पश्चिम बंगाल के टूरिस्ट भी शामिल हैं. दोनों को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया.
सामने आया है कि दोनों घटनाएं सुबह करीब 8 बजे हुईं. बंदरों के काटने के बाद घायल पर्यटकों को ताजमहल के पास स्थित डिस्पेंसरी ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल भेज दिया गया. ताजमहल परिसर और उसके आसपास पिछले करीब दो महीनों में बंदरों के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
साउथ कोरिया की पर्यटक भी हुई थीं घायल
26 जुलाई को दक्षिण कोरिया की पर्यटक किम मिहे को पूर्वी गेट के पास बंदर ने हाथ में काट लिया था. उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस आने में देरी होने पर बैटरी कार का सहारा लेना पड़ा था. इसके बाद एएसआई ने एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर सीएमओ को पत्र भी लिखा था.
12 अगस्त को कर्नाटक से आए मोहम्मद अली को पश्चिमी गेट के पास बंदर ने पैर में काट लिया था. वहीं, 30 अगस्त को हरियाणा से आए छह साल के अयांश पर मेहमानखाने के पास बंदर ने हमला कर दिया था. इसके बाद 3 सितंबर को दिल्ली की पर्यटक दीपिका गोयल को मस्जिद के पास बंदर ने पीछे से हमला कर हाथ में काट लिया.
ब्रिटिश पर्यटक भी हुई थीं हमले का शिकार
16 सितंबर को ब्रिटिश पर्यटक सुजैन एन बरेट भी बंदर के हमले में घायल हो गई थीं. रॉयल गेट के पास बंदर ने उनके हाथ में काट लिया था.
अब बुधवार को दो और पर्यटकों के घायल होने से ताजमहल में बंदरों की समस्या और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं. बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की बताई जाती है, जबकि स्मारक परिसर में व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पास है.
लगातार हो रही घटनाओं के बीच पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है.
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