तिरंगा लेकर कीचड़ में स्कूल पहुंचे बच्चे, जर्जर कमरे का प्लास्टर भी गिरा; भोपाल से आई तस्वीरें चौंकाने वाली – AajTak

Feedback
MP News: भोपाल जिले की बैरसिया तहसील के पनिया गांव से सामने आई तस्वीरों ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया. स्कूलों में ध्वजारोहण हुआ, बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और राष्ट्रगान गाया. लेकिन पनिया गांव में स्वतंत्रता दिवस मनाने पहुंचे बच्चों की तस्वीरें कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही हैं.
तस्वीरों में स्कूली बच्चे हाथों में तिरंगा लिए कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचते नजर आ रहे हैं. बारिश के चलते स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील दिखाई दे रहा है. छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से गुजरकर स्कूल पहुंचे. हाथ में तिरंगा था और चेहरे पर देशभक्ति का उत्साह, लेकिन पैरों के नीचे कीचड़ और खराब रास्ता व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा था.
बच्चों के स्कूल पहुंचने के बाद जब स्कूल भवन की तस्वीर सामने आई तो चिंता और बढ़ गई. स्कूल के एक कमरे का प्लास्टर टूटकर जमीन पर गिरा हुआ दिखाई दे रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठता है. जिस भवन में बच्चे रोजाना पढ़ाई करते हैं, अगर उसकी हालत ऐसी है तो किसी हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी?
इन तमाम परेशानियों के बावजूद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ. बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर स्कूल परिसर में पहुंचे और इसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया. तस्वीरों में बच्चों की देशभक्ति साफ नजर आई, लेकिन स्कूल की बदहाल व्यवस्था ने पूरे आयोजन के बीच एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया. देखें VIDEO:- 
सवाल यह है कि ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाले इन बच्चों को आखिर कब बेहतर सुविधाएं मिलेंगी? क्या स्कूल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित और पक्का रास्ता उपलब्ध नहीं कराया जा सकता? क्या जर्जर हो चुके स्कूल भवन की समय पर मरम्मत नहीं होनी चाहिए? बच्चों के लिए सुरक्षित कक्षा, बेहतर रास्ता और मूलभूत सुविधाएं किसी भी स्कूल की प्राथमिक जरूरत होती हैं.
स्वतंत्रता दिवस पर पनिया गांव के बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति की मिसाल पेश की. उन्होंने कीचड़ भरे रास्ते की परेशानी को पीछे छोड़कर स्कूल पहुंचकर राष्ट्रगान गाया. लेकिन इन तस्वीरों ने शिक्षा व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
इस मामले में भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा बोले, ”मुझे स्कूल की डिटेल भेज दीजिए. मैं दिखवाता हूं.”
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इन तस्वीरों का संज्ञान लेकर स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते और भवन की स्थिति में सुधार के लिए क्या कदम उठाता है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News