तुला राशिफल (24 अक्टूबर 2026):राहु मंगल का रहेगा असर, तेज नतीजों की चाह रहेगी, तुरंत भविष्य का निर्णय न करें – Hindustan

चौबीस अक्टूबर को आपकी जन्म चंद्र राशि से चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि के छठे भाव में रहेगा। अधूरे काम, रोजमर्रा की व्यवस्था और छोटी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देना उपयोगी होगा। शनि भी मीन राशि के छठे भाव में वक्री हैं। यह स्थिति लगातार प्रयास, प्रतियोगिता की तैयारी और काम की कमजोरियां सुधारने में रचनात्मक हो सकती है, हालांकि जीत सुनिश्चित नहीं करती। आज उत्साह का उपयोग किसी उलझे काम की अगली कार्रवाई पूरी करने में करें। दूसरों की गति देखकर अपनी क्षमता का फैसला न करें। सामाजिक कार्यक्रम का निमंत्रण मिले तो जरूरी जिम्मेदारियों के लिए अलग जगह रखें। काम और मनोरंजन में संतुलन बनाने के लिए हर निमंत्रण स्वीकार करना जरूरी नहीं है।
गुरु कर्क राशि के दसवें भाव में उच्च स्थिति में हैं। पेशेवर समझ दिखाने की गुंजाइश के साथ जिम्मेदारी और अपेक्षाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी। पदोन्नति या प्रशंसा को निश्चित मानने के बजाय काम के प्रमाण तैयार रखें। नौकरी में हों तो प्रगति बताते समय पूरा हुआ हिस्सा और बची कठिनाई अलग बताएं। मंगल कर्क राशि के दसवें भाव में नीच स्थिति में हैं। ऐसे में तेज परिणाम की चाह के साथ कार्यपद्धति पर संयम रखना बेहतर होगा। किसी सहकर्मी के उत्तर में देरी हो तो अनुमान लगाने के बजाय अटकी जानकारी पूछें। विद्यार्थियों के लिए अभ्यास के बाद उत्तरों की जांच उपयोगी रहेगी। कठिन अध्याय को छोटे प्रश्नों में बांटें और अनुमान से लिखे उत्तर पहचानें। खेल या प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हों तो प्रदर्शन को तय मानकों से परखें, केवल प्रशंसा से नहीं।
राहु कुंभ राशि के पांचवें भाव में और केतु सिंह राशि के ग्यारहवें भाव में हैं। यह संयुक्त धुरी आकर्षक अवसरों की चाह और समूह से मिलने वाले लाभ के प्रति बदलती रुचि के बीच विवेक मांगती है। किसी मित्र की कमाई देखकर वैसा ही निवेश करना आपके लिए उचित हो, यह जरूरी नहीं। उपलब्ध रकम, आवश्यक भुगतान और वैकल्पिक खर्च अलग लिखें। कारोबार के सिलसिले में यात्रा प्रस्तावित हो तो संभावित काम के साथ आने जाने और ठहरने की लागत जोड़ें। बातचीत शुरू होने को पक्का सौदा न मानें। रुका भुगतान मांगना हो तो संबंधित विवरण साफ भेजें। रकम मिलने से पहले उसके भरोसे नई देनदारी स्वीकार न करें। खरीद पर छूट से अधिक उसकी जरूरत देखें।
शुक्र तुला राशि के पहले भाव में स्वराशि में वक्री हैं। अपनी पसंद, छवि और रिश्तों से जुड़ी पुरानी अपेक्षाओं पर विचार करना उपयोगी हो सकता है। इसका अर्थ हर पुराने संबंध को फिर शुरू करना नहीं है। साथी के साथ योजना बन रही हो तो पूछें कि दोनों उसमें सहज हैं या केवल औपचारिक सहमति दे रहे हैं। अविवाहित हैं तो किसी आयोजन में हुए परिचय को स्वाभाविक गति दें। शुरुआती अच्छी बातचीत से तुरंत भविष्य का निर्णय न करें। परिवार में कोई व्यावहारिक सुझाव निजी आलोचना जैसा लगे तो उसका आशय समझें। सहयोग स्वीकार करने के साथ यह भी बताएं कि किस तरह की मदद वास्तव में आपके काम आएगी।
सक्रिय रहने की इच्छा हो तो भी भोजन और विश्राम को काम के बाद बचा हुआ समय न बनाएं। देर तक बैठते हों तो बीच में उठकर शरीर को सहज गति दें। व्यायाम में अपनी सामान्य क्षमता के अनुसार अभ्यास रखें, दूसरों से तुलना करके जोर न बढ़ाएं। छठे भाव का प्रमुख होना दैनिक देखभाल की अहमियत बताता है, निश्चित स्वस्थता या बीमारी नहीं। कोई परेशानी बनी रहे तो योग्य चिकित्सक से सलाह लें। काम खत्म होने पर जरूरी और गैरजरूरी सूचनाएं अलग करके फोन से थोड़ा विराम लेना उपयोगी होगा।
६
बहुरंगी
अभिजित मुहूर्त: ११:४२ से १२:२७ (भारतीय मानक समय)। गणना दिल्ली के स्थान पर आधारित है।
ऐसा लंबित काम चुनें जिसकी अगली कार्रवाई स्पष्ट हो। जरूरी कागज जुटाएं, संबंधित व्यक्ति से सीधी जानकारी लें और पूरा होने पर उसका प्रमाण सुरक्षित रखें। आगे की जरूरत के लिए दस्तावेज व्यवस्थित कर दें।
केवल व्यस्त दिखने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी न लें। प्रतियोगिता, निवेश या रिश्ते में शुरुआती उत्साह को अंतिम नतीजा मानकर बड़ा वादा करने और अपनी तैयारी से अधिक दावा करने से बचें।
अनिता बरनवाल: वैदिक ज्ञान, परामर्श और संस्थागत नेतृत्व का सशक्त नाम
अनिता बरनवाल देश की प्रतिष्ठित वैदिक ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ, शिक्षिका और आध्यात्मिक परामर्शदाता हैं। वे एस्ट्रो देवम् प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक हैं। वर्ष 2007 में आरंभ हुई उनकी ज्योतिषीय यात्रा व्यक्तिगत परामर्श और अध्यापन से आगे बढ़कर एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक परामर्श संस्थान के निर्माण तक पहुंची है। देश के अनेकानेक प्रतिष्ठित ज्योतिषी अनिता बरनवाल जी से अपने पारिवारिक मसलों, विशेषकर बच्चों के विवाह के बारे में, व्यक्तिगत सलाह लेते रहते हैं।

अनुभव एवं कार्यक्षेत्र
वर्ष 2005 से वैदिक ज्योतिष और आध्यात्मिक परामर्श में सक्रिय
एस्ट्रो देवम् प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक
उत्तराखंड विश्वविद्यालय से ज्योतिष में स्नातकोत्तर उपाधि (एमए एस्ट्रोलॉजी )
‘ज्योतिष विशारद’ एवं ‘हस्तरेखा विशारद’
ICAS द्वारा ज्योतिष अध्यापन एवं शोध के लिए ‘ज्योतिष वाचस्पति’
ज्योतिष अध्यापन एवं प्रशिक्षण का दो दशकों से अधिक का अनुभव
राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में शोध पत्रों की प्रस्तुति
भारत सहित 100 से अधिक देशों में क्लाइंट्स
निजी, पारिवारिक, वैवाहिक और कॉरपोरेट परामर्श
मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ज्योतिषीय विश्लेषण
राष्ट्रिय समाचार पत्रों के संपादकीय पृष्ठ पर लेख प्रकाशित
चुनाव, मौसम, मानसून, युद्ध, फिल्म जगत, प्रमुख व्यक्तियों और व्यावसायिक संस्थानों से संबंधित विषयों पर सटीक भविष्यवाणियां

प्रमुख सम्मान
वैदिक ज्ञान के संरक्षण, नैतिक आध्यात्मिक परामर्श और एक वैश्विक संस्थान के निर्माण में योगदान के लिए ‘वर्ष की महिला उद्यमी’—इंटरनेशनल वुमन अवॉर्ड्स 2026
टॉप वुमन एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर—2022 – ग्रेट कंपनीज और थिंक टैंक डीबीसी
ज्योतिष वाचस्पति सहित विभिन्न ज्योतिषीय उपाधियां
एक्सीलेंसी आइक्निक अवार्ड 2025 में ‘भारत की सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी’ अवॉर्ड
विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और संस्थाओं द्वारा सम्मान

विशेषज्ञता
वैदिक एवं फलित ज्योतिष
कुंडली मिलान और वैवाहिक सामंजस्य
प्रेम एवं पारिवारिक परामर्श
रत्न, रुद्राक्ष और यंत्र संबंधी परामर्श
वास्तुशास्त्र एवं पिरामिड वास्तु
अंकशास्त्र
कॉरपोरेट ज्योतिष एवं वास्तु परामर्श
जन्म-समय संशोधन
वैदिक यज्ञ एवं ज्योतिषीय उपाय
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