तेल-गैस सस्ता, रुपया होगा मजबूत; US-ईरान डील भारत के लिए क्यों अहम? – Live Hindustan

पश्चिम एशिया में करीब 100 दिनों से चल रहे भीषण युद्ध के बाद आखिरकार शांति की उम्मीद जगी है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बन गई है। आगामी शुक्रवार को जिनेवा में डील के लागू होने पर आधिकारिक मुहर भी लग जाएगी। यह खबर भारत के लिए बेहद अहम है। युद्ध की घोषणा होते ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट आई है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही भी शुरू हो गई है, भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है ।

गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों से चल रहे इस युद्ध ने भारतीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया था। होर्मुज बंद होने की वजह से ऑयल और गैस सप्लाई का संकट बढ़ गया था। अब इस डील के लागू होते ही भारत को कई मोर्चों पर सबसे बड़ी राहत मिलेगी। पहला, क्रूड ऑयल और गैस की कीमतों में गिरावट। युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, जिससे देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस महंगी होने का खतरा मंडरा रहा था। हालांकि डील की घोषणा के चंद घंटों के भीतर बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 4.5 फीसदी गिरकर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर गईं।

दूसरी तरफ रुपये को भी मजबूती मिलेगी। कच्चे तेल के दाम गिरने और तनाव कम होने से डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया एक ही दिन में 40 पैसे मजबूत हो गया। इसके अलावा इस डील से महंगाई पर भी ब्रेक लग सकता है। तेल और गैस की कीमतें घटने से माल ढुलाई सस्ती होगी, जिससे देश में खाद्य उत्पादों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रहेंगी और खुदरा महंगाई दर में कमी आएगी।

इस समझौते का पहला व्यावहारिक असर भी देखने को मिल चुका है। भारत का एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुका है। ‘दिशा’ पिछले तीन महीनों से युद्ध क्षेत्र में फंसा हुआ था। युद्धविराम की घोषणा के बाद अब यह कतर के रास लफ्फान से 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर सुरक्षित रूप से अरब सागर में प्रवेश कर चुका है और 18 जून तक गुजरात के दहेज पोर्ट पर पहुंचेगा। युद्ध शुरू होने के बाद से बिना अपना सैटेलाइट सिग्नल (AIS) बंद किए इस रास्ते को पार करने वाला यह पहला भारतीय वाणिज्यिक भी जहाज बन गया है।

इस डील के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या अब भारत ईरान से दोबारा तेल खरीदेगा। गौरतलब है कि 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत को ईरान से तेल खरीदना बंद करना पड़ा था। तब ईरान भारत को तेल बेचने वाले टॉप 3 देशों में शामिल था। अब अगर अमेरिकी ये प्रतिबंध हटते हैं, तो भारत को फिर से सस्ता तेल मिल सकेगा। हालांकि अमेरिका ने फिलहाल प्रतिबंध हटाने से इनकार किया है।

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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