दिल्ली में हुए युवा विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित होकर, वियतनाम की राजधानी हनोई में युवा एक छात्रा की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
वियतनाम में छात्रों का प्रदर्शन (AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली के युवा प्रदर्शनों से वियतनाम में आंदोलन की प्रेरणा।
हनोई में छात्रा मीना की मौत पर न्याय की मांग तेज।
युवा ‘ट्री 55’ पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
डिजिटल डेस्क, हनोई। दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों का असर अब वियतनाम तक देखने को मिल रहा है। वियतनामी राजधानी हनोई में एक छात्रा की सड़क हादसे में मौत के बाद इंसाफ की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है।
ऐसे में वियतनाम सरकार ने घरेलू अशांति की आशंका से वहां के मीडिया को दिल्ली के इन प्रदर्शनों से जुड़ी खबरों के कवरेज पर कड़ी सावधानी बरतने के आंतरिक निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि वियतनाम की राजधानी हनोई में कुछ महीने पहले एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। इस हादसे में एक रईस राजनेता की तेज रफ्तार कार ने 18 साल की छात्रा मीना को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
परिवार और युवाओं का आरोप है कि रसूखदार होने की वजह से उस राजनेता को बचाने की कोशिश की जा रही है और अब तक मीना को इंसाफ नहीं मिला है। इसी गुस्से में वहां के छात्र और युवा सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं।
इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह है कि बड़े दफ्तरों के बजाय, हनोई में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए ‘ट्री 55’ नाम के एक पेड़ को चुना है। यहां हनोई के युवा बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं। वे मीना की याद में उस पेड़ के पास फूल चढ़ा रहे हैं। इस शांत लेकिन मजबूत विरोध प्रदर्शन के जरिए वे सरकार और प्रशासन पर इंसाफ के लिए दबाव बना रहे हैं।