गर्मी और उमस से बेहाल दिल्ली में मंगलवार को तड़के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिसके बाद तापमान में थोड़ी कमी आई। मौसम विभाग (आईएमडी) आज के लिए किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। दिल्लीवालों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। बीते कई दिनों से बारिश न होने से उमस और तीखी गर्मी तो सता ही रही है, हवा भी जहरीली बनी हुई है। दिल्ली के सफदरजंग में सोमवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
आईएमडी ने उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में अभी एक सप्ताह तक बारिश का इंतजार करने और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब 13 जुलाई से 19 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान लगाया है।
मौसम पूर्वानुमान केंद्र द्वारा जारी ‘अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन’ के अनुसार अगले सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून की गतिविधि रुक-रुक कर जारी रहने की उम्मीद है। ताजा बुलेटिन में हालांकि दिल्ली-हरियाणा के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन पूर्वानुमान की अवधि के दौरान राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
आईएमडी ने संकेत दिया है कि हिमालयी राज्यों में बारिश की गतिविधि अधिक तेज होगी। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 13 जुलाई से 17 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, जबकि 18 और 19 जुलाई को बारिश का दायरा काफी बढ़ सकता है।
उत्तराखंड में 13-19 जुलाई के दौरान काफी व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जिससे यह इस अवधि के दौरान उत्तर भारत के सबसे अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में से एक बन जाएगा। मौसम विभाग ने 15 जुलाई से 19 जुलाई के बीच उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश का भी अनुमान लगाया है।
मॉनसून रेखा के टूटने से दिल्ली समेत पश्चिमोत्तर भारत के बड़े हिस्से में सप्ताहभर अच्छी बारिश के आसार नहीं है। इससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। सोमवार को दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री से भी ज्यादा दर्ज किया गया।
दिल्ली में इस बार मॉनसून का अभी तक का लेखा-जोखा आधा-अधूरा सा ही है। पहले तो करीब पांच दिन की देरी से दो जुलाई को मॉनसून दिल्ली पहुंचा। इसके बाद 10 जुलाई के बीच अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। लेकिन बारिश का यह सिलसिला ज्यादा दिन नहीं चला और मॉनसून की रेखा हिमालय की तराई की तरफ खिसक गई। इसके दूर होने के साथ ही दिल्ली और आसपास के इलाके में मानसून की गतिविधियां थम गईं।
मौसम गर्म होने के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार की शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पर रहा। जबकि, इस दौरान नमी का स्तर 46 फीसदी और हवा की रफ्तार 9.3 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। इस दौरान लोगों ने 46.4 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी महसूस (फील लाइक टेंपरेचर) की।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक कृष्णा मिश्रा बताते हैं कि मॉनसून के समय हवा के निम्न दबाव की एक रेखा बनती है जो उत्तरी पाकिस्तान से बंगाल की खाड़ी तक जाती है। इसे ही मॉनसून की रेखा या मॉनसून ट्रफ कहते हैं। यह रेखा ऊपर या नीचे की ओर स्थान बदलती रहती है। इसी के अनुसार बारिश की गतिविधियां भी धीमी या तेज होती हैं। जहां पर मॉनसून की रेखा मौजूद होती है वहां पर बारिश की गतिविधियां ज्यादा होती हैं। जब रेखा हिमालय के तराई वाले हिस्से में पहुंच जाती है तो बारिश की गतिविधियां सीमित हो जाती है और मॉनसून ब्रेक की स्थिति बनती है।
(वार्ता के इनपुट के साथ)
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