दीवारों का उखड़ रहा है पेंट? दोबारा पेंटिंग से पहले कर लें ये 1 काम, सालों-साल रिपेयर की नहीं पड़ेगी जरूरत – AajTak

Feedback
जब भी घर को सुंदर बनाने की बात आती है, तो सबसे पहले लोग दीवारों को पेंट कराने का मन बनाते हैं. हजारों रुपये खर्च करके जब घर की दीवारों पर पेंट होता है, तो वो बहुत ही बढ़िया लगता है. घर की दीवारों पर नया पेंट कराने के बाद कमरा एकदम नया-नया सा लगने लगता है. लेकिन अगर दीवार पहले से ही खराब हो और जगह-जगह से पेंट या प्लास्टर निकल रहा हो, तो लोग अक्सर सीधा पेंटर को बुलाकर दीवार रंगवा लेते हैं. लेकिन ऐसा कराना पैसे की बर्बादी बन सकता है. कुछ समय बाद वही पेंट फिर फूलने लगेगा और प्लास्टर दोबारा उखड़ सकता है.
खासकर बारिश के मौसम में दीवारों पर सीलन और नमी की समस्या बढ़ जाती है. कई बार बाहर से दीवार में पानी पहुंच रहा होता है, तो कभी पाइप, छत या बाथरूम की लीकेज इसकी वजह बनती है. इसलिए पेंट कराने से पहले दीवार की हालत समझना जरूरी है. उखड़ते पेंट को ठीक करने के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि कुछ आसान चीजें अपनाने की है. चलिए जानते हैं कैसे आप अपने घर के उखड़ते पेंट को ठीक कर सकते हैं और सालों-साल खराब होने से बचा सकते हैं.

प्लास्टर झड़ रहा है तो सबसे पहले जानें वजह
दीवार का प्लास्टर अपने आप नहीं झड़ता. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अक्सर नमी होती है. बारिश में बाहरी दीवार से पानी अंदर आना, छत से सीपेज, पाइप में लीकेज या बाथरूम-रसोई की ज्यादा नमी धीरे-धीरे दीवार को अंदर से कमजोर कर सकती है.
जब पानी दीवार की लेयर्स के बीच फंस जाता है, तो पेंट की पकड़ ढीली होने लगती है. इसकी वजह से पहले पेंट फूलता है, फिर उसमें बुलबुले नजर आते हैं और धीरे-धीरे पेंट उखड़ने लगता है. अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए तो पेंट के साथ ही प्लास्टर भी टूटकर गिर सकता है.
इसके अलावा पेंट करने से पहले दीवार की सफाई ठीक से न होना भी एक वजह हो सकती है. धूल, तेल, पुराना उखड़ा हुआ पेंट या बिना प्राइमर के पेंट करने से नई कोटिंग ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती.
दीवार इन संकेतों से पहले ही दे देती है इशारा
अगर दीवार पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई दे रहे हैं या पेंट किसी जगह से फूल गया है, तो इसे हल्के में न लें. इसी तरह दीवार पर पीले या गहरे रंग के दाग, महीन दरारें और लगातार सीलन जैसी महक भी परेशानी की ओर इशारा कर सकती हैं.
ऐसे निशान खासतौर पर उन जगहों पर ज्यादा दिखाई दे सकते हैं जहां पानी या नमी की समस्या रहती है. शुरुआत में ही इनकी वजह पता कर ली जाए तो पूरी दीवार का प्लास्टर निकलने जैसी बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है.
सिर्फ ऊपर से पेंट कर दिया तो दोबारा उखड़ जाएगा
दीवार खराब होने पर कई लोग बस उखड़े हुए हिस्से को छिपाने के लिए उसके ऊपर पुट्टी और पेंट कर देते हैं. इससे दीवार कुछ दिनों के लिए अच्छी जरूर दिख सकती है, लेकिन अगर अंदर की नमी या लीकेज ठीक नहीं हुई है तो वो फिर उखड़ने लगेगी और आपके पैसे बर्बाद हो जाएंगे.  

इसलिए सबसे पहले चेक करें कि दीवार में पानी कहां से आ रहा है. पाइप लीक कर रहा है तो उसे ठीक कराएं. छत से सीलन आ रही है तो वहां की मरम्मत और जरूरत के मुताबिक वॉटरप्रूफिंग कराएं. अगर बाथरूम या किचन में नमी ज्यादा है तो वहां हवा की फ्लो बेहतर करना भी जरूरी है.
उखड़ा हुआ पेंट और प्लास्टर पहले निकालें
नमी या लीकेज ठीक करने के बाद दीवार से उखड़ा हुआ पेंट और कमजोर प्लास्टर स्क्रेपर या पुट्टी नाइफ से हटा दें. इसके ऊपर सीधे नया पेंट न करें, वरना वो भी जल्दी उखड़ सकता है. पुरानी लेयर हटाने के बाद दीवार के गड्ढे और दरारें वॉल फिलर या सीमेंट से भर दें. अगर दीवार में नमी की समस्या रही है, तो जरूरत के हिसाब से वॉटरप्रूफिंग भी कर सकते हैं.
रिपेयर के तुरंत बाद पेंट करने की गलती न करें
दीवार की मरम्मत करने के बाद सबसे जरूरी है उसे अच्छी तरह सूखने देना. गीली या नम सतह पर जल्दी से पेंट कर दिया गया तो कुछ समय बाद फिर से पेंट उखड़ने की समस्या आ सकती है. जब रिपेयर वाला हिस्सा सूख जाए, तब सैंडपेपर से उसे हल्का रगड़कर आसपास की दीवार के बराबर कर लें. इससे दीवार पर पैच अलग से नजर नहीं आएगा और पेंट के बाद फिनिश भी बेहतर मिलेगी.
प्राइमर के बाद ही लगाएं नया रंग
दीवार की सतह तैयार हो जाने के बाद प्राइमर लगाना न भूलें. प्राइमर पेंट को सतह पर बेहतर तरीके से पकड़ बनाने में मदद करता है और दीवार को पेंट के लिए तैयार करता है. इसके बाद ही पेंट की कोटिंग करें. अगर दीवार बाथरूम, किचन या घर के बाहरी हिस्से में है, तो वहां की नमी और मौसम को ध्यान में रखकर सही तरह का पेंट चुनना अच्छा रहता है.
बारिश के बाद दीवार को जरूर चेक करें
अगर आपके घर में पहले भी प्लास्टर झड़ने या सीलन की समस्या रही है, तो बारिश के बाद दीवारों को जरूर देखें. कहीं पेंट फूल तो नहीं रहा, कोई नया दाग तो नहीं आया या किसी कोने में नमी तो महसूस नहीं हो रही. शुरुआत में दिखने वाली छोटी दरार या सीलन को ठीक करा देना ज्यादा आसान होता है. इसके साथ ही इसमें पैसे भी कम खर्च होते हैं. इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर प्लास्टर की बड़ी परत कमजोर हो सकती है.
नया पेंट तभी टिकेगा, जब दीवार अंदर से ठीक होगी
दीवार को खूबसूरत बनाने के लिए सिर्फ महंगा पेंट खरीदना काफी नहीं है. उसकी सतह मजबूत और सूखी होना भी उतना ही जरूरी है. इसलिए पहले नमी या लीकेज की वजह दूर करें, फिर उखड़ा प्लास्टर हटाएं, रिपेयर करें, दीवार को सूखने दें, प्राइमर लगाएं और आखिर में पेंट कराएं. इससे नया रंग ज्यादा समय तक टिकने की संभावना बढ़ जाएगी और बार-बार मरम्मत कराने का झंझट भी कम होगा.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News