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दुनिया के सबसे अमीर शहरों में गिने जाने वाले हांगकांग से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में घरेलू कामगार महिलाओं को पुलों और अंडरपास के नीचे कार्डबोर्ड के अस्थायी ‘घर’ बनाकर बैठते और आराम करते देखा जा सकता है. यही वजह है कि यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है.
वीडियो को इंस्टाग्राम पर एक कंटेंट क्रिएटर राफा (Rapha) ने शेयर किया. उन्होंने बताया कि हांगकांग में ‘लाइव-इन’ नियम है, जिसके तहत विदेशी घरेलू कामगारों को अपने नियोक्ता के घर में रहना जरूरी होता है. ऐसे में उनके पास खुद का अलग घर नहीं होता.
क्यों बनते हैं कार्डबोर्ड के ‘घर’
राफा के मुताबिक, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसी जगहों से आईं ये महिलाएं हफ्ते में एक दिन की छुट्टी पर सार्वजनिक जगहों पर समय बिताती हैं.इस दौरान वे कार्डबोर्ड बॉक्स से छोटे-छोटे ‘कमरे’ बना लेती हैं, ताकि थोड़ी प्राइवेसी मिल सके. वीडियो में कई महिलाएं इन अस्थायी ढांचों में बैठी, खाती और आराम करती नजर आती हैं.
देखें वायरल वीडियो
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‘इनविजिबल लेबर क्राइसिस’ का दावा
राफा ने इस स्थिति को ‘इनविजिबल लेबर क्राइसिस’ बताया. उनका कहना है कि यह शहर उन लोगों के श्रम पर चलता है, जिन्हें खुद रहने की जगह नहीं मिलती.उन्होंने लिखा कि हर रविवार हजारों महिलाएं उन घरों से बाहर होती हैं, जहां वे काम करती हैं, और दिनभर के लिए सार्वजनिक जगहों पर रहने को मजबूर हो जाती हैं.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों ने इसे अमीरी और गरीबी के बीच की खाई बताया, तो कुछ ने इस दावे पर सवाल उठाए.कुछ यूजर्स का कहना है कि ये महिलाएं अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए यहां इकट्ठा होती हैं. वहीं कई लोगों ने इसे कामगारों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया.
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