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देहरादून में प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है. अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. परवल टोंस नदी ट्रॉली हादसे में 8 लोगों ने जान गंवाई, जबकि कालसी के गज्जर गांव में 1, धर्मावाला में 1 युवती, डोईवाला में 1 व्यक्ति और मसूरी डाइवर्जन पर 1 व्यक्ति की मौत हुई है.
आफत के बीच 15 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं, वहीं कई लोग घायल भी हुए हैं. अब तक 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सहस्त्रधारा के पास मजाडा गांव में हालात गंभीर हैं.
यहां 3 लोगों के दबे होने, 1 व्यक्ति के घायल होने और 1 के कल रात से लापता होने की सूचना है. साथ ही कई मवेशियों के दबे होने की जानकारी भी सामने आई है. मौके पर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.
सौंग नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है
उधर, मालदेवता क्षेत्र में सौंग नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है. तेज बहाव में देहरादून, मालदेवता, टिहरी मार्ग पूरी तरह बह गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 10 से 15 साल में नदी का इतना भीषण रूप पहली बार देखने को मिला है. इस कारण क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और आवाजाही ठप है.
टपकेश्वर महादेव मंदिर में तबाही का मंजर
इसी बीच, टपकेश्वर महादेव मंदिर में भी तबाही का मंजर देखने को मिला. तमसा नदी के उफान में शिवलिंग तक डूब गया और मंदिर परिसर खाली कराना पड़ा. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत-बचाव कार्य तेज़ी से जारी है.
देहरादून के सहस्त्रधारा और आसपास के इलाकों में बादल फटने से टोंस नदी उफान पर आ गई. तेज बहाव के कारण मलबा रिहायशी इलाकों तक जा पहुंचा, जिससे कई मकानों और दुकानों को क्षति हुई. राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सक्रिय हैं.
येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 21 सितंबर तक येलो अलर्ट घोषित किया है. देहरादून और आसपास के जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है.
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