धर्मेंद्र प्रधान से पहले इस देश की शिक्षा मंत्री पर भी गिरी गाज… क्लीन चिट के बाद भी दे दिया इस्तीफा – Aaj Tak News

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भारत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से ठीक दो दिन पहले एक और देश के शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया था. 48 घंटे के भीतर दो लोकतांत्रिक देशों में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े दो बड़े इस्तीफे हुए, हालांकि दोनों के पीछे की परिस्थितियां अलग-अलग थीं.
दरअसल, भारत में धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच इस्तीफा दिया. प्रदर्शनकारियों पर सरकार की कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष और आंदोलनकारी संगठनों ने सवाल उठाए थे.
वहीं, इससे दो दिन पहले गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) की उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने इस्तीफा दे दिया था. यहां गौर करने वाली बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई मंत्री यवेट बेरी पर किसी तरह का कोई आरोप साबित नहीं हुआ था और जांच आयोग ने उन्हें पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी थी, फिर भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने पद छोड़ दिया.
ACT ऑस्ट्रेलिया का स्वशासित संघीय क्षेत्र है, जिसमें देश की राजधानी कैनबरा भी शामिल है. यहां अपनी निर्वाचित सरकार और मंत्री होते हैं. इस लिहाज से इसकी प्रशासनिक व्यवस्था कुछ हद तक भारत के दिल्ली-NCR क्षेत्र से मिलती-जुलती है.
बेरी के इस्तीफे की वजह क्या थी?
यवेट बेरी का इस्तीफा कैंपबेल प्राइमरी स्कूल के पुनर्विकास के लिए करोड़ों डॉलर के ठेके से जुड़े मामले के बाद आया. ACT इंटीग्रिटी कमीशन की रिपोर्ट में शिक्षा विभाग के तत्कालीन महानिदेशक और बेरी के तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ पर गंभीर भ्रष्ट आचरण के आरोप पाए गए.
जांच में कहा गया कि अधिकारियों ने ठेका प्रक्रिया के दौरान कंस्ट्रक्शन, फॉरेस्ट्री एंड मैरीटाइम एम्प्लॉइज यूनियन (CFMEU) को अपने रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए अनुचित तरीके से रास्ता उपलब्ध कराया.
हालांकि, आयोग ने मंत्री बेरी के खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की और न ही उन्हें दोषी पाया. इसके बावजूद, गुरुवार (23 जुलाई) को बेरी ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया.
इस्तीफा देते हुए यवेट बेरी ने कहा, ‘मैंने कभी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा है, चाहे हालात कितने ही कठिन क्यों न हों. मैंने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि इस जांच रिपोर्ट को लेकर संसद और जनता के बीच कोई राजनीतिक तमाशा न बने. मैं अपने स्टाफ के आचरण की पूरी जिम्मेदारी लेती हूं.’
मंत्री की जिम्मेदारी का सिद्धांत
ACT के मुख्यमंत्री एंड्रयू बार ने बेरी का इस्तीफा स्वीकार किया, लेकिन यह भी साफ किया कि इंटीग्रिटी कमीशन ने उन्हें किसी भी तरह की संलिप्तता या गलत काम के लिए दोषी नहीं ठहराया है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ACT के मंत्री आचार संहिता का हवाला दिया. इसके मुताबिक, मंत्री अपने विभाग और अपने मंत्री कार्यालय के कर्मचारियों के फैसलों और कार्यों के लिए भी जवाबदेह होते हैं.
उन्होंने जांच के निष्कर्षों को बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि इस मामले से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि मंत्रियों और उनके कार्यालयों को सरकारी खरीद प्रक्रिया में सीधे तौर पर भूमिका नहीं निभानी चाहिए.
बेरी का इस्तीफा ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कई अन्य राष्ट्रमंडल देशों में लंबे समय से चली आ रही वेस्टमिंस्टर परंपरा को भी दिखाता है. इस व्यवस्था में मंत्रियों से केवल अपने व्यक्तिगत आचरण के लिए ही नहीं, बल्कि उनके विभाग या मंत्री कार्यालय में होने वाली गंभीर चूकों के लिए भी जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है.
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