धारावी में ट्रांसपोर्ट हब से लेकर सस्ती रेंटल हाउसिंग तक का खाका तैयार, 95 हजार करोड़ के मास्टर प्लान को CM की मंजूरी – आज तक

Feedback
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने  95,790 करोड़ रुपये की धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपीएल) के मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है. ‘आजतक’ को मिली जानकारी के अनुसार, यह परियोजना जनवरी 2032 तक पूरी होने की संभावना है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कुल क्षेत्रफल 251.24 हेक्टेयर (628.82 एकड़) है. इसमे से 541.2 एकड़ जमीन सस्ती रेंटल हाउसिंग के लिए निर्धारित की गई है.
परियोजना की शुरुआत 14 जनवरी, 2025 को रेलवे सुविधाओं के निर्माण के साथ हो चुकी है, जब पहला प्रारंभ प्रमाणपत्र (फर्स्ट सीसी) जारी किया गया था. पूरी परियोजना को सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है.
यह पुनर्विकास महाराष्ट्र सरकार की स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) और अडानी समूह की धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (अब नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड – एनएमडीपीएल) के बीच संयुक्त उद्यम के तहत स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) द्वारा किया जा रहा है.  
यह भी पढ़ें: मुंबई पुलिस ने बम की धमकी देने वाले शख्स को धारावी से पकड़ा, रिकॉर्ड में मिला एक और पुराना केस
तमाम सुविधाएं होंगी मौजूद
एनएमडीपीएल ने अपने विजन में कहा, “धारावी पुनर्विकास परियोजना धारावीवासियों के जीवन और कार्य-स्थितियों को बेहतर बनाने का एक अनूठा अवसर है. मास्टर प्लान धारावी की मौजूदा विशेषताओं को बढ़ाने और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं के साथ एक नया मुंबई का केंद्र बनाने का प्रयास है.” 
इस परियोजना के तहत मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) भी प्रस्तावित है, जिसे MMRDA द्वारा विकसित किया जाएगा. यह हब माहिम और सायन स्टेशन को जोड़ने के साथ-साथ मेट्रो लाइन 11 और 8 को भी कनेक्ट करेगा.लगभग 72,000 टेनमेंट्स प्रस्तावित हैं, जिनमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक पुनर्वास शामिल है. हालांकि, पात्रता सर्वेक्षण अभी अधूरा है और कुछ इलाकों जैसे कुंभारवाड़ा और अन्य निजी भू-स्वामियों द्वारा सर्वेक्षण का विरोध किया जा रहा है.
मुंबई में छह भूखंडों को किफायती आवास के लिए आवंटित किया गया है, जिसमें कुर्ला में 21 एकड़ मदर डेयरी और मुलुंड में 58.5 एकड़ जामस्प साल्ट पैन की जमीन शामिल है. इन दो भूखंडों का कब्जा एसपीवी को दे दिया गया है. अन्य चार भूखंडों में दियोनार डंपिंग ग्राउंड (124.3 एकड़), मालवानी और अक्सा मालाड (140 एकड़), आर्थर साल्ट वर्क्स (120.5 एकड़) और कांजुरमार्ग में जेनकिन्स साल्ट वर्क्स (76.9 एकड़) शामिल हैं, जिनका हस्तांतरण प्रक्रियाधीन है.
यह भी पढ़ें:  पूरे महाराष्‍ट्र को छोड़िए, क्‍या मुंबई में ही कारगर हो पाएगा राहुल गांधी का अडानी-धारावी का मुद्दा? |Opinion
Copyright © 2025 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News