पत्थरबाजी करते समर्थक, लहूलुहान पुलिसवाले, 15 KM लंबा जाम.. दतिया बवाल पर नरोत्तम मिश्रा ने अब तोड़ी चुप्पी – AajTak

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मध्य प्रदेश के दतिया ज़िले में शनिवार को हिंसा भड़क गई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को 30 जुलाई को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों ने पुलिस से झड़प की और नेशनल हाईवे जाम कर दिया. वहीं अब इस पूरे मामले पर नरोत्तम मिश्रा ने चुप्पी तोड़ते हुए समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
नरोत्तम ने समर्थकों से कहा कि मैंने कल भी विस्तार से कहा था, आज भी कह रहा हूं. ये पार्टी का निर्णय है. मैं अपील कर रहा हूं, ऐसा कुछ न करिए. पार्टी के फोरम पर अपनी बात कही जाती है, ऐसे आक्रोश नहीं किया जाता है. वहीं अधिकारियों ने बताया कि NH-44 पर 3000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों ने लगभग 12 घंटे तक जाम लगाए रखा, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. बाद में सुरक्षा बलों ने हाईवे को खाली कराया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया.
हाईवे पर 15 किलोमीटर तक लग गया था जाम
सत्ताधारी BJP ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की, जिससे मिश्रा के समर्थक नाराज़ हो गए. दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने पत्रकारों को बताया कि नाराज़ कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे पर लगभग 11-12 घंटे तक जाम लगाए रखा. सड़क खाली करने के कहने के बावजूद उन्होंने पुलिस पर पथराव किया, जिससे पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. दतिया के SP, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों को चोटें आईं, लेकिन साथ ही यह भी साफ़ किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया. वानखेड़े ने कहा कि नाराज़ भीड़ ने पुलिस और अन्य गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन बाद में सड़क खाली करा ली गई और स्थिति अब नियंत्रण में है. 
एसपी ने क्या कहा?
दतिया SP मयूर खंडेलवाल ने बताया कि 3000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों ने दतिया शहर में शांति भंग की, बाज़ार बंद कराने की कोशिश की और 12 घंटे तक सड़क जाम कर दी. उन्होंने कहा कि पत्थरबाज़ी में छह से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. हमने उन्हें शांत करने की कोशिश की और बताया कि शहर में आदर्श आचार संहिता लागू है. लेकिन जब वे पीछे नहीं हटे और पत्थरबाज़ी करने लगे, तो हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
SP ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया गया और चेतावनी दी गई कि अगर वे हिंसा करते हैं तो उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को हुई राजनीतिक घटनाक्रम के बाद ज़िला इकाई के अध्यक्ष और स्थानीय पार्षदों समेत पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने विरोध में पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. आशुतोष तिवारी का नामांकन पूर्व मंत्री मिश्रा के लिए एक झटका था, जिन्हें पार्टी सूत्रों के अनुसार टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन फ़ॉर्म भी ख़रीद लिया था.

दतिया के सेवढ़ा शहर के रहने वाले तिवारी राज्य BJP संगठन में सक्रिय रहे हैं. राज्य BJP ऑफ़िस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उत्साहित तिवारी ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात की और उनका आभार जताया. तिवारी ने कहा, “मिश्रा बहुत वरिष्ठ नेता और मेरे अभिभावक हैं, और उन्होंने कहा है कि वे पार्टी और मेरे लिए प्रचार करेंगे.”
इस वजह से दतिया में हो रहा है उपचुनाव
मिश्रा के समर्थकों में से एक ने बताया कि कुछ लोगों ने अपनी शर्ट उतार दी और सड़क पर लेट गए, जबकि अन्य ने धरना दिया. एक अन्य समर्थक ने कहा कि जब तक “नरोत्तम दादा” को टिकट नहीं मिल जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे और ज़रूरत पड़ने पर भगवा पार्टी छोड़ भी देंगे. आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनावों में दतिया से तत्कालीन गृह मंत्री मिश्रा को 7,500 से ज़्यादा वोटों से हराया था.
हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने इस साल अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन साल की सज़ा सुनाई. जिसके कारण उन्हें विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया गया और उपचुनाव की ज़रूरत पड़ी. बाद में उन्हें ज़मानत मिल गई. चुनाव आयोग ने हाल ही में देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया, जिनमें दतिया भी शामिल है. बाकी दो सीटें बिहार और गुजरात में हैं. शेड्यूल के अनुसार, वोट 30 जुलाई को डाले जाएंगे और नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे.
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