पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के साथ मीटिंग – AajTak

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल (पीएम-ईएसी) की बैठक की अध्यक्षता की, जहां बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत की आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने की रणनीतियों पर चर्चा की गई.
सूत्रों के अनुसार, बैठक में आर्थिक विकास को मजबूत करने, अर्थव्यवस्था की मजबूती बढ़ाने, देश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए सुधारों को तेज करने से जुड़े कई सुझावों और नीतिगत उपायों पर विचार किया गया.
काउंसिल के सदस्यों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती परिस्थितियों की समीक्षा की, इसके साथ ही पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभावों का आकलन किया गया.
Chaired a meeting of the Economic Advisory Council to the Prime Minister. Deliberated on a wide range of issues relating to India’s economic transformation and long-term development priorities. Also shared perspectives on adding more momentum to the reforms journey and ensuring… pic.twitter.com/1BkP1EyuFe
जानकारी के मुताबिक, चर्चाओं में भू-राजनीतिक अस्थिरता के ऊर्जा बाजारों, आपूर्ति श्रृंखलाओं, महंगाई और वैश्विक व्यापार प्रवाह पर संभावित प्रभाव को शामिल किया गया, ये सभी मुद्दे दुनिया भर के नीति-निर्माताओं के लिए प्रमुख चिंता का विषय बने हुए हैं.
बता दें यह विचार-विमर्श ऐसे समय में हो रहा है, जब सरकार ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और भारत सहित प्रमुख आयातक देशों पर इसके संभावित प्रभाव के बीच क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रही है.
बताया जा रहा है कि काउंसिल ने उन उपायों पर भी चर्चा की जो घरेलू आर्थिक गतिविधि को मजबूत करने, निवेश को समर्थन देने, उत्पादकता बढ़ाने और व्यवसायों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण बनाने में मदद कर सकते हैं.
बैठक के दौरान अनुपालन संबंधी बोझ को कम करने, सेवा वितरण में सुधार करने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए सुधारों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई.

PM  मोदी ने कहा- दुनिया चुनौतियों के दौर से गुजर रही
प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणियों के मद्देनजर ये चर्चाएं काफी महत्वपूर्ण हो जाती हैं, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों के दौर से गुजर रही है.
शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरत में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मौजूदा दशक को आपदाओं का दशक बताया, उन्होंने कोविड-19 महामारी और सशस्त्र संघर्षों से लेकर ऊर्जा बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान तक के लगातार वैश्विक संकटों का जिक्र किया.
प्रधानमंत्री ने कहा था कि ईंधन की कीमतों में अस्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति नेटवर्क पर बढ़ता दबाव दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है. इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कहा कि भारत ने सामूहिक राष्ट्रीय प्रयासों के दम पर मजबूती दिखाई है और विकास केंद्रित नीतियों पर लगातार आगे बढ़ रहा है.
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