पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका चर्चा में है.
संघ खुद को चुनावी राजनीति से दूर बताता है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार संघ ने अपनी शाखाओं और सहयोगी संगठनों के ज़रिए लंबे समय तक संपर्क अभियान चलाया और चुनाव को 'हिन्दुओं के अस्तित्व की लड़ाई' के तौर पर पेश किया.
संघ इस बात से इनकार करता है कि उसने बीजेपी के लिए प्रचार किया. लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि संघ की भूमिका बीजेपी के लिए स्वीकार्यता बनाने में निर्णायक साबित हुई.
इसी पर देखिए पश्चिम बंगाल से बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और संदीप यादव की ये ख़ास रिपोर्ट.
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