पहले इमारतें, अब दिख रही मलबे से ढकी घाटी.. नेपाल बाढ़ तबाही की 'बिफोर-आफ्टर' फुटेज में दिखा तबाही का मंजर – nepaltibet border disaster updates gyirong port beforeafter video reveals devastation news in hindi – Jagran

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसका भयावह मंजर चीनी बचाव दल के 'पहले और बाद' के वीडियो में सामने आया है।
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। नेपाल और तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। ऐसे में अब चीनी बचाव दल की तरफ से हेलीकॉप्टर से शूट किए गए तबाही के पहले और बाद का एक वीडियो जारी किया गया है, जो कि इस भयावह आपदा से बर्बादी के बड़े पैमाने को बयां कर रही है।
बता दें कि जारी 8 सेकंड के इस हवाई क्लिप के पहले हिस्से में आपदा से पहले का गायरोंग बॉर्डर पोर्ट का इलाका दिखाई देता है। इसमें चीनी राष्ट्रीय प्रतीक वाला मुख्य चेकपॉइंट, बहुमंजिला इमारतें, पक्की सड़कें, घाटी के बीच से बहती नदी और चारों ओर हरियाली से ढके ढलान पूरी तरह सुरक्षित और आबाद नजर आते हैं।
वहीं वीडियो के दूसरे हिस्से में बाढ़ के बाद का भयावह नजारा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अब वहां सिर्फ बंजर जमीन और मलबे से ढकी घाटी बची है। बाढ़ और मलबे के सैलाब में ज्यादातर इमारतें और बुनियादी ढांचा या तो पूरी तरह दब गए हैं या बह चुके हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक, गायरोंग पोर्ट के पास आए भीषण कीचड़ के सैलाब से आसपास औसतन डेढ़ मीटर (5 फीट) तक गाद जमा हो गई है।
इस आपदा में अब तक 362 से ज्यादा लोगों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1300 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। अकेले नेपाल में 826 लोग लापता हैं। वहीं, चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत के अधिकारियों के अनुसार, वहां कम से कम 3 लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं।
नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा के चलते एक साथ कई सारे पुल टूट चुके हैं और लगभग 40 किलोमीटर लंबी सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने बताया कि सेना ने हेलीकॉप्टर की मदद से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया है। इसके अलावा, त्रिशूल हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट से जुड़े परिसरों में फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया है। दर्जनों घायलों को इलाज के लिए काठमांडू एयरलिफ्ट किया गया है।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि इस आपदा में पावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले कुछ कर्मचारियों समेत 285 भारतीय नागरिक भी लापता हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण तिब्बत और नेपाल के प्रभावित इलाकों में अभी भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे राहत दलों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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