India Pakistan Tension Latest Update: पाकिस्तान को यह अच्छे से पता है कि भारत पहलगाम आतंकी हमले का बदला जरूर लेगा. ऐसे में पीओके में तो पाक आर्मी की तरफ से जबर्दस्त तैयारियां हो ही रही हैं. इंडियन आर्मी के डर से रावलपिंडी के लोग भी थर-थर कांप रहे हैं. रावलपिंडी में पाकिस्तान आर्मी का हेडक्वार्टर है. इसके बावजूद भी वहां महिलाएं जमकर सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग ले रही हैं. ऐसा लग रहा है कि आसिम मुनीर के गढ़ में ही लोगों का भरोसा पाकिस्तान की आर्मी से पूरी तरह से उठ गया है. यही वजह है कि वो अब खुद अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं. वैसे हम बता दें कि भारतीय फोर्स कभी निर्दोष आम लोगों पर प्रहार नहीं करती है. अगर भारत ने रावलपिंडी पर अटैक किया तो निशाना पाक आर्मी या फिर वहां मौजूद आतंकियों के ठिकाने ही रहेंगे.
पाकिस्तान की आवाम को यह डर सता रहा है कि भारतीय आर्मी के निशाने पर रावलपिंडी हो सकता है. यहां पड़े पैमाने पर हवाई हमले हो सकते हैं. रावलपिंडी से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की दूरी महज 100 किलोमीटर की है. ऐसे में भारतीय सेना आसानी से इस शहर निशाना बना सकती है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार रावलपिंडी जिला प्रशासन और पब्लिक सेफ्टी डिपार्टमेंट पाकिस्तान की आवाम को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे रहा है, जिसमें महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. बताया गया कि रावलपिंडी शहर में जगह-जगह सायरन लगाए जा रहे हैं. कुल 16 सायरन पूरे शहर में लगाए गए हैं, जिनका मकसद हमले के तुरंत बाद लोगों को अलर्ट करना है. इसके अलावा शहर में 38 चौकियां भी बनाई गई हैं. 24/7 शहर में चप्पे-चप्पे पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेंगी.
रावलपिंडी में 3500 लोग ले चुके ट्रेनिंग
बताया गया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के संभावित हमले को देखते हुए रावलपिंडी में अबतक 3,500 वॉलंटियर्स को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जा चुकी है. उन्हें बताया गया है कि अगर युद्ध हुआ तो उन्हें खुद की रक्षा कैसे करनी है और बाकी लोगों को कैसे बचाना है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार रावलपिंडी कैंट पुलिस स्टेशन के अलावा राजा बाज़ार में मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल और पब्लिक सेफ्टी हेडक्वार्टर में ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जा रहे हैं. पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी ट्रेनिंग दी जा रही है. घायलों को बचाने, जलती या ढहती इमारतों में फंसे लोगों को निकालने और आग बुझाने की ट्रेनिंग लोगों को दी जा रही है.